लखनऊ के गैंगवार की धमक पहुंची आजमगढ़, प्रशासन ने ढहवाया माफिया कुंटू सिंह का तिमंजिला मकान

डीएम और कप्तान भारी फोर्स के साथ मौके पर रहे उपस्थित



जनसंदेश न्यूज

आजमगढ़। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार की रात विभूति खण्ड थाने के कठौता स्थित चैराहे पर बाइक सवार बदमाशों ने पूर्व विधायक सीपू हत्या काण्ड के गवाह मऊ जनपद के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह उर्फ लंगड़ा को उस समय गोलियों से भून दिया जब वह एक माॅल के सामने अपने साथी मोहम्मदाबाद थाने के भदीड़ गांव निवासी मोहर के साथ खड़ा था। कुछ दिन पूर्व जिला प्रशासन मऊ द्वारा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण जिला बदर किया गया था। उसके बाद लखनऊ में अपना ठिकाना बनाया था। अजीत उर्फ लंगड़ा भी पेशेवर अपराधी था। उसके ऊपर एक दर्जन के आसपास मुकदमें दर्ज थे। इस गोली काण्ड में जहां पूर्व प्रमुख अजीत की मौत हो गयी वहीं उसका साथी मोहर गंभीर रूप से घायल हो गया। इतना ही नहीं बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ चलायी गयी कई दर्जन राउण्ड गोलियों ने एक राहगीर को भी निशाना बना लिया था जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। लखनऊ में हुई इस गैंगवार की धमक आजमगढ़ में देखने को मिली। इसके तार सीधे-सीधे आजमगढ़ से जोड़ कर देखे जा रहे हैं। इस गैंगवार से हरकत में आया जिला व पुलिस प्रशासन आजमगढ़ ने गुरूवार को जीयनपुर कस्बा स्थित कुंटू के मकान को जमींदोज कर दिया। जबकि उक्त मकान को महीनों पूर्व प्रशासन ने सीज कर दिया था। लेकिन कई हिस्सेदारी होने के नाते कार्रवाई नहीं हो पायी थी। लेकिन लखनऊ में गैंगवार में हुई अजीत की हत्या के बाद प्रशासन खिसियानी बिल्ली की तरह माफिया कुंटू के मकान को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के समय कई थानों की फोर्स के साथ जिलाधिकारी राजेश कुमार व पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह मौके पर मौजूद रहे। 


सात साल पूर्व हुई विधायक सीपू की हत्या में गवाह था अजीत 

आजमगढ़। सात साल पूर्व सगड़ी विधायक सर्वेश कुमार सिंह उर्फ सीपू की हत्या 19 जुलाई 2013 को उनके जीयनपुर कस्बा स्थित आवास पर बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर कर दी गयी थी। इस हत्या काण्ड में सीपू के सहयोगी रौनापार थाने के मऊ कुतुबपुर निवासी भरत राय की भी मौत हो गयी थी। अलसुबह हुई इस हत्या ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था। सीपू हत्या काण्ड में माफिया कुंटू सिंह सहित नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीपू हत्या काण्ड का गवाह होने के नाते अजीत पर गवाही न करने का दबाव भी बनाया जा रहा था। गवाही से न मुकरने के कारण अजीत की हत्या के तार भी जोड़ कर देखे जा रहे हैं। वैसे पुलिस इस गैंगवार को काफी गंभीर मानते हुए कार्रवाई करने में जुटी है। 


एक ही अखाड़े के खिलाड़ी रहे हैं कुंटू और अजीत: एसपी

आजमगढ़। कप्तान ने बताया कि दोनों एक साथ काम करते थे। दोनों की क्षेत्र में काफी दहशत थी। किसी बात को लेकर दोनों में अदावत हो गयी। उसके बाद अजीत सिंह ने अपना अलग आपराधिक साम्राज्य स्थापित कर लिया था। जरायम की दुनियां में कदम रखने से पहले कभी अजीत कुंटू गैंग का सदस्य हुआ करता था। चर्चाएं तो यहां तक है कि कुंटू के एक इशारे पर किसी को भी मौत की नींद सुला देता था। लेकिन कब कैसे दूरियां बढ़ी कि दोनों एक दूसरे के धुरविरोधी हो गये। अजीत एक बार मोहम्मदाबाद का कनिष्ठ ब्लाक प्रमुख, दोबारा अपनी पत्नी को प्रमुख बनाने में सफल रहा तो तीसरी बार अपने किसी करीबी को प्रमुख बनाकर प्रतिनिधि के रूप में वर्तमान में काम कर रहा था। वहीं सीपू की हत्या के बाद से दोनों में खटास तब हो गयी जब अजीत सीपू हत्या काण्ड में गवाही करने लगा।


जल्द ही अजीत की होने वाली थी गवाही

आजमगढ़। सात वर्ष पूर्व 2013 में हुई सीपू हत्या काण्ड की इस समय न्यायालय में गवाही चल रही है। उनके भाई संतोष सिंह टीपू द्वारा प्रतिदिन गवाही दी जा रही है। उनकी गवाही के बाद अजीत की भी गवाही होनी थी। 


अजीत की हत्या से भयभीत विधायक और उसके परिजन

आजमगढ़। बुधवार की रात लखनऊ में विधायक सीपू सिंह के गवाह पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के बाद सीपू सिंह की विधवा सगड़ी विधायक वंदना सिंह और उनके ज्येष्ठ संतोष सिंह टीपू सहित पूरा परिवार दहशत में है। विधायक वंदना सिंह ने कप्तान से मिल कर अपनी सुरक्षा के प्रति चिंता जताते हुए सुरक्षा की मांग कर दी। सीपू सिंह के बड़े भाई संतोष सिंह टीपू ने बताया कि कप्तान ने सुरक्षा का वादा करते हुए माफिया कुंटू सिंह पर लगातार कार्रवाई पुलिस द्वारा कार्रवाई कर रही है। अजीत सिंह की हत्या के बाद पुलिस पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए है। हाल ही में कुंटू सिंह की संपत्ति जब्ती के साथ-साथ उनके गिरोह के तीन सदस्यों पर गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की है।

प्रदेश की टापटेन सूची में शामिल है कुंटू सिंह का नाम

आजमगढ़। लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम में कुंटू सिंह का नाम आने के बाद प्रशासन ने लखनऊ के टाप टेन अपराधियों की सूची में नाम दर्ज कर लगातार इसके साम्राज्य को समाप्त करने के लिए कार्रवाई कर रहा है। वर्तमान में कुंटू सिंह जेल में निरूद्ध है।

कई दिनों से की जा रही थी अजीत की रेकी

आजमगढ़। लखनऊ के कठौता चैराहे पर अजीत की हत्या के पहले बदमाशों द्वारा कई दिनों से रेकी की जा रही थी। सूत्रों के हवाले से आयी खबर की यदि बात करें तो लखनऊ में दो-तीन दिन पूर्व आजमगढ़ के कुछ ऐसे व्यक्ति देखे गये थे जो पूर्व विधायक सीपू हत्या काण्ड में शामिल रहे हैं। इससे यह कयास लगाया जा रहा है कि अजीत हत्या काण्ड के तार आजमगढ़ से जुड़े हैं। एक तो वह सीपू हत्या काण्ड का गवाह था दूसरे वर्चस्व की जंग में लगातार चुनौती भी दे रहा था। 


अजीत हत्या काण्ड में तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

आजमगढ़। लखनऊ के कठौता चैराहे पर बुधवार की शाम हुई पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह सहित अखण्ड प्रताप सिंह व वाराणसी जनपद के कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डाक्टर के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है जो इस गोली काण्ड में घायल मोहर सिंह ने दर्ज करायी है। आरोपों की यदि बात करें तो पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या के मामले में अगले हप्ते अजीत सिंह की गवाही होनी थी। गवाही न करने के लिए कई बार धमकाया भी जा चुका था। मोहर ने आरोप लगाया कि कन्हैया उर्फ गिरधारी ने अपने तीन शूटरों के साथ घटना को अंजाम दिया है। उक्त हत्या में अजीत सिंह चश्मदीद गवाह था। 


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