खुशखबरी: अन्नदाताओं पर छाया एफपीओ का जादू, धान बेचने को फामर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के किसान दिखा रहे अधिक रुचि

- जिले में एफसीएस के नौ धान क्रय केंद्रों पर अबतक पहुंचे सर्वाधिक 807 कृषक



सुरोजीत चैटर्जी

वाराणसी। समूह में कार्य किया जाय तो उसका लाभ किसी न किसी रूप में मिलता ही है। संगठित होकर योजनाबद्ध ढंग से समूह काम करें तो उसके अच्छे परिणाम भी दिखते हैं। सरकारी स्तर पर इन दिनों विभिन्न एजेंसियों में चल रही धान की खरीद में भी ऐसा दिख रहा है। वाराणसी जनपद में किसानों के लिए तैयार तमाम फामर्स प्रोड्यूसर आॅर्गनाइजेशन यानी एफपीओ से जुड़े अन्नदाताओं से अन्य एजेंसियों की तुलना में अबतक धान की सर्वाधिक खरीद दर्ज की गयी है।

सरकार जहां एकओर फल और सब्जी उत्पादक किसानों को एफपीओ से जोड़कर उपज का अधिक से अधिक मूल्य दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है वहीं दूसरी ओर, धान क्रय केंद्रों पर भी एफपीओ से संबद्ध किसानों की ओर से बेची गयी उपज संगठित रूप से कार्य करने के अच्छे रिजल्ट का ही संकेत दे रहे हैं। सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खाद्य विभाग की विपणन शाखा (एफसीएस) के फामर्स प्रोड्यूसर आॅर्गनाइजेशन से जुड़े किसान जिस उत्साह से अपनी उपज बेच रहे हैं उस पर अन्य एजेंसियों का ध्यान आकृष्ट हो रहा है।

जनपद में एफसीएस के नौ धान क्रय केंद्रों पर गुरुवार तक सर्वाधिक 807 किसानों ने धान बेचा है। इन केंद्रों का कुल धान खरीद लक्ष्य 40 हजार एमी है। यहां अबतक 5089.109 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। यह आंकड़ा भले की तय टार्गेट की तुलना में कम दिख रही हो लेकिन अन्य एजेंसियों की अपेक्षा धान बिक्री ज्यादा है। जिले में एफपीओ से जुड़े इन 807 किसान दर्जनों गांव से जुड़े हैं।

इन क्रय केंद्रों पर अबतक घोसिला, मरुई, बसांव, भीषणपुर, मिसिरपुर, फरीदपुर, महगांव, छितौना, अजगरा, रघुना्रपुर, सरसौल, कैथी, जमालपुर, रैपुरा, गौराकलां, राजापुर, देवराई, करनाडाड़ी, पिंडरा, बड़ागांव, बढ़ौना, जगतपुर, टोडरपुर, होलापुर, ऊधोरामपुर, दादूपुर, सरहरी, सर्वीपुर, रामचंदीपुर, शिवदशा उपरवार, उमरहां, जगरदेवपुर, मुस्तफाबाद, मटुका, रमगढ़वा, गोकुलपुर, रौनाखुर्द, भवानीपुर, ऊकथी, बनकट, लोहगाजर, चिलबिला, धोबहीं चांदपुर, नखवां, कोईराजपुर आदि गांवों के हैं।

दूसरी ओर, जनपद में अन्य कुछ अन्य एजेंसियों के धान क्रय केंद्रों पर हुई खरीद पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ) के सात सेंटर पर अबतक 379 किसानों से 1420.887 एमटी खरीद हुई है। वहीं, जिले में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक केंद्र पहुंचे सिर्फ 29 किसानों से 96.60 मिट्रिक टन धान खरीदा गया है। उत्तर प्रदेश मंडी परिषद में धान की खरीद नहीं हुई। जबकि भारतीय राष्टकृीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एमसीसीएफ) के नौ केंद्रों पर अबतक 539 किसानों से 3660.72 एमटी धान की खरीद की गयी है। कुछ अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर भी धान की खरीद हुई। लेकिन एफसीएस के क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसानों की संख्या अबतक सर्वाधिक दर्ज की गयी है।

मंडल में कुछ एजेंसियों में धान खरीद

- एनसीसीएफ रू 66 क्रय केंद्रों पर 4015 किसानों से 23742.915 एमटी धान खरीदा। रू 

- मंडी परिषद रू सात क्रय केंद्रों पर 338 किसानों से 1731.80 एमटी धान खरीदा।

- एफसीएस रू 48 क्रय केंद्रों पर 2797 किसानों से 16199.211 एमटी खरीदा।

- पीसीएफ रू 102 क्रय केंद्रों पर 4992 किसानों से 21678.283 एमटी धान खरीदा।

(वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर अबतक हुई खरीद)

एफपीओ सरकार की सराहनीय सोच : डॉ. सीबी सिंह

- एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्टस एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के एजीएम डॉ. सीबी सिंह कहते हैं कि भारत सरकार ने फामर्स प्रोड्यूसर आॅर्गनाइजेशन यानी एफपीओ की अद्भुत और सराहनीय सोच विकसित की है। इस प्रकार के संगठन का मूल उद्देश्य ही है कि किसानों समेत अन्य क्षेत्र से जुड़े ऐसे लोग जो संगठित होकर कार्य करें, उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से बेहतर स्थिति में लाना है। एकजुट होकर समूह में कार्य करने के तमाम फायदे हैं। एफपीओ के रिजल्ट बेहद अच्छे मिल रहे हैं।


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