मीरजापुर में नियमों को ताक पर रखकर जेसीबी से हुुुई नहर की सफाई



संजय दुबे

मीरजापुर। एक तरफ शासन के सत्तारूढ़ नेता व अधिकारियों की सफाई हेतु जेसीबी पर रोक लगा है किंतु पहाड़ी तथा सिटी ब्लाक के कई गांव में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बता दें कि नहर में सफाई कर रहे एक मजदूर ने बताया कि उसे नहर सफाई का ठेका प्रतिदिन मजदूरी के हिसाब से चिंता मौर्य द्वारा दिया गया है। जब चिंता मौर्य के बारे में पड़ताल किया गया तो ग्रामीणों द्वारा पता चला कि चिंता मौर्य सिंचाई विभाग के कर्मचारी हैं। जिनके द्वारा कई ब्लॉक के नहरों को ठेका देकर सफाई कराया जाता है। 

इतना ही नहीं बल्कि सिंचाई विभाग का कर्मचारी होने के नाते वह नहरों की सफाई जेसीबी तक से करवा देता है। जिसका जीता जागता उदाहरण पहाड़ी व सिटी ब्लॉक के कई ग्राम सभा के नहरों में देखने को मिल रहा है। जिससे ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिरकार यह लापरवाही किस स्तर से की जा रही है। जिसमें कि एक तरफ जहां मनरेगा के तहत नहर की सफाई होनी चाहिए, वहीं जेसीबी लगाकर गरीब मजदूरों के पेट पर लात मारा गया व उनकी रोजी-रोटी छीन कर जेसीबी को दी गई। 

ग्रामीणों में मामले को लेकर संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रति नाराजगी व आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जेसीबी से सफाई करने व कराने वाले जिम्मेंदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती तो हम सभी ग्रामीण मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेंदारी शासन प्रशासन की होगी। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान पति झिंगुरा छोटेलाल हरिजन से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि नहर की सफाई के संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह किसके द्वारा कराया गया है, यह जांच का विषय है कि किस विभाग द्वारा नहर की सफाई जेसीबी से की गई।

क्या सिचांंई विभाग के कर्मचारी को मिल सकता है ठेका

ग्रामीणों को इस मामले में एक बात हजम नहीं हो रही है। यह जानकारी देते हुए लोगों ने बताया कि क्या सिंचाई विभाग के ही कर्मचारी को नहर सफाई का ठेका सिंचाई विभाग द्वारा दिया गया, यह किस नियम के तहत है। जिसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार व सिंचाई विभाग का कर्मचारी चिंता मौर्य धड़ल्ले से आये दिन नहर सफाई के नाम पर सिंचाई विभाग को चूना लगाने का कार्य करता है।

इस संबंध में एक्सईएन वैभव सिंह से बात की गई तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग के पैसे से जेसीबी से भी नहरों की सफाई कराई जा सकती है 

 

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