पुलिस गिरफ्त में मनोज सिंह डब्लू, बोले-रात में एनकाउंटर कर सकती है चंदौली पुलिस!


समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाई है गिरफ्तारी की स्‍पष्‍ट जानकारी


आरिफ हाशमी

चंदौली। किसानों के मुद्दे सरकार का विरोध करना सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू को भारी पड़ा। धीना रेलवे क्रासिंग से पुलिस गिरफ्त में आए मनोज को पुलिस ने घंटों सरकारी वाहन में घुमाया। लेकिन सदर ब्लाक स्थित चंदौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मामला पटल पर आने के बाद अंततः एएसपी प्रेमचंद ने सपा के राष्ट्रीय सचिव को रेल अधिनियम के तहत जिला जेल भेजने की आधिकारिक पुष्टि की। समाचार दिए जाने तक मनोज सिंह डब्लू की गिरफ्तारी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी थी। उधर, सपा नेता ने पुलिस द्वारा एकाउंटर किए जाने की भी आशंका जाहिर की।

दरअसल सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू माधोपुर स्थित अपने आवास पर पुलिस की कड़ी घेरेबंदी को तोड़कर गांव से बाहर निकल आए और धीना रेलवे क्रासिंग पर बैठकर सरकार के खिलाफ आंदोलित हो गए। यहां पहुंची धीना पुलिस ने मनोज के साथ सपा नेता अमित यादव लाला, जगमेंद्र यादव को गिरफ्तार कर थाने ले गयी। मनोज सिंह डब्लू को सरकारी वाहन से धीना थाने से जिला मुख्यालय और फिर औद्योगिक नगर पुलिस चैकी तक की यात्रा कराई गयी। इस दरम्यान सदर प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र पर जहां मीडिया कर्मियों पहुंचे तोा आनन-फानन में पुलिस उन्हें औद्योगिक नगर पुलिस चैकी ले जाने की बात कहकर कई थानों की फोर्स के साथ एएसपी प्रेमचंद रवाना हुए। एएसपी प्रेमचंद ने बताया कि उन्हें रेल अधिनियम के तहत निरूद्ध किया गया है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सचिव के मेडिकल मुआयना के लिए पीपी सेंटर मुगलसराय से चिकित्सकों की टीम को सीधे औद्योगिक नगर पुलिस चैकी बुलाया गया। उधर, मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि किसानों के आंदोलन के लिए 100 बार जेल जाना होगा जाऊंगा। आरोप लगाया कि पुलिस का यह मूवमेंट सैयदरााजा विधायक सुशील सिंह के इशारे पर हुआ है। उन्होंने शहीद के नाम पर पहले ही मुझे देख लेने की धमकी दी थी और मेरी गाड़ी भी ठुकवा दी। आशंका जताई कि पुलिस मेरा एकाउंटर भी कर सकती है।



...सबको छोड़ा मनोज सिंह डब्लू को पकड़ा

चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू को गिरफ्तारी को लेकर जनपद पुलिस की कार्य प्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि जनपद पुलिस सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रही है। यदि किसान आंदोलन को समर्थन करने वाले तमाम संगठन के नेताओं को मंगलवार की शाम मुचलके पर रिहा कर दिया गया तो आखिर ऐसी कौन सी वजह थी जिस वजह से पुलिस को सपा के राष्ट्रीय सचिव को हिरासत में लेकर घंटों सरकारी वाहन में घुमाना पड़ा। पुलिस अंतिम वक्त तक उनकी हिरासत को गिरफ्तारी बताने से कतराती रही। लेकिन जब पुलिस पर चैतरफा दबाव बनने लगा तो एएसपी प्रेमचंद ने रेल अधिनियम का हवाला दिया और उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए पुलिस काफिले में मनोज को लेकर औद्योगिक नगर पुलिस चैकी के लिए निकल गए। इस दौरान काफिले में शामिल किसी भी थाने की पुलिस कुछ भी कहने से कतराती नजर आयी। यहां तक ही सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू को औद्योगिक नगर पुलिस चैकी पहुंचकर उन्हें पुलिस कस्टडी में होने की बात बताई गयी। हालांकि उनकी गिरफ्तारी की सूचना पर दर्जनों समाजवादी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता भी पुलिस चैकी पर डेरा जमाए रहे। सपाइयों का आरोप था कि पुलिस विपक्ष के नेताओं के दमन के लिए कानून का बेजा इस्तेमाल कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानूनी चाबुक से सपाई डरने वाले नहीं है, क्योंकि संघर्ष ही समाजवादी पार्टी की बुनियाद है।


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