सत्ता और विपक्ष की खींचतान में गई वृद्ध की जान, बेटे-बहु का आरोप इलाज में देरी से गई मां की जान



वैभव मिश्रा

चकिया/चंदौली। किसान आंदोलन को लेकर सत्ता और विपक्ष की खींचतान आम लोगों पर कैसे भारी पड़ रही है। इसकी एक बानगी सोमवार की देर शाम जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में देखने को मिली। जहां हार्ट की मरीज चंपा देवी (50) की मौत हो गई। मृतका के बेटे और बहु का आरोप है कि इलाज में देरी के कारण उनके मां की जान गई है। दरअसल जिस समय महिला की हालत बिगड़ी उस समय सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू का चिकित्सालय के इमरजेंसी में मेडिकल चल रहा था। जहां पर भारी फोर्स तैनात थी। 

डोडापुर निवासी वासदेव की पत्नी चंपा देवी को सोमवार की सुबह हार्ट अटैक आने के बाद परिजन उन्हें जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां पर डाॅ. सत्येन्द्र कुमार सिंह उनका इलाज कर रहे थे। इस बीच किसान आंदोलन में गिरफ्तार हुए मनोज सिंह डब्लू को ले जा रही पुलिस की गाड़ी पलट जाने के कारण घायल हुए पूर्व विधायक को पुलिस इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया पहुंची। 

जहां इमरजेंसी में उनका इलाज किया जा रहा था। इस दौरान ऐहतियात के तौर पर चिकित्सालय में भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। देर शाम जब जब चंपा की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन इमरजेंसी डाॅक्टर के पास जाने का प्रयास किये, लेकिन उस दौरान इमरजेंसी में तैनात इएमओ डाॅ. शैलेन्द्र सिंह पूर्व विधायक का इलाज कर रहे थे। 

इसी बात को लेकर मृतका के बेटे अनिल और बहु सुनीता का आरोप है कि इमरजेंसी में भारी फोर्स तैनात होने और इलाज में देरी होने के कारण उनकी मां की मौत हो गई। इस संबंध में इमरजेंसी में तैनात डाॅ. शैलेन्द्र ने इस बात को लेकर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए बताया कि उक्त मरीज का इलाज डाॅ. सत्येन्द्र कुमार सिंह कर रहे थे। 


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