नपाध्यक्ष के दुव्र्यवहार से आहत जेई ने किया आत्महत्या का प्रयास, बोले, मेरे पद का नहीं किया गया सम्मान


जनसंदेश न्‍यूज

मीरजापुर। जनाब! यह तानाशाह नपाध्यक्ष है जो अपने कर्मचारियों को धक्का मारकर भागते है। इनके न सिस्टम का डर है और न ही सिस्टम चला रहे रहनुमाओं की। अध्यक्ष द्वारा धक्का मारकर भगा दिए जाने के बाद फुट फुटकर रोता जेई के आंसू जैसे जैसे जमीन पर गिर रहे थे, वैसे वैसे सिस्टम पर नेताओं की काले जूतों की हनक भारी पड़ने लगा। गुरुवार की भोर में नगर पालिका अहरौरा के जल निगम के जेई शुशील मोहन निगम ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। छुट्टी नही मिलने वहीं बेज्जती किये जाने से आहत जेई ने सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट वाइरल करते हुए आत्महत्या करने लगा। 

मामले की भनक लगते ही पास के नपा के कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाकर गेट को खोला तो देखा जेई पंखा के सहारे फांसी का भंदा बनाकर आत्महत्या करने को तैयार थे। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें वहां से लाकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। घटना के बाद जेई ने जिस तरह नपाध्यक्ष गुलाब चंद मौर्या पर आरोप लगाये उससे यहीं लगता है कि नेताओं का जूता हमेशा सिस्टम को कुचलने के लिए तैयार रहता है। जेई शुशील ने कहा कि में छुट्टी मांगने गया था। 

नपाध्यक्ष साहब ने छुट्टी नही दिया। शाम को में दुबारा सामुदायिक भवन पर छुट्टी मांगने गया, वहीं उनके मन मे जो गलती हो उसकी माफी मांग लेने की बात कहा लेकिन छुट्टी तो दूर नपाध्यक्ष गुलाब चंद मौर्या  ने धक्का मारकर भगा दिया। जेई ने कहा कि मेरे पद का सम्मान नही है। मुझे छुट्टी नही दिया जाता। नपाध्यक्ष करते है में अपनी कलम से छुट्टी नही दूंगा। आरोप गंभीर थे तो  नपाध्यक्ष गुलाब चंद मौर्या का भी पक्ष जानना चाहा, लेकिन वो फोन उठाना भी मुनासिब नही समझे। 

एसडीएम ने जेई से किया मुलाकात

नगर पालिका के जेई अपना सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो किया। सुसाइड नोट में जेई ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष के मनमुताबिक काम न करने पर मेरा वेतन रोक दिया जाता है। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। में घुटन भारी जिंदगी जी रहा हूँ। में अब नही जीना चाहता। आप लोग मेरे परिवार का ख्याल रखना। घटना का सुसाइड नोट वायरल होने के बाद एसडीएम चुनाव जंग बहादुर सिंह मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। 

तहरीर मिलने पर होगी कार्यवाही

जेई के आत्महत्या की खबर के बाद उसे अस्प्ताल में भर्ती कराई पुलिस का कहना है कि मामले में भी कोई भी तहरीर नहीं मिला है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जिस तरह से जेई ने अध्यक्ष के ऊपर तानाशाही का आरोप लगाया है वह गंभीर है। फिलहाल जेई को छुट्टी मिल गई है, वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर पहुंच गया है।


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