किसान चाहे जितना धान लाएं, सब खरीद लें, बैठक में बोले नोडल अधिकारी

- जनपद के नोडल अधिकारी ने जानी धान खरीद की प्रगति, दिये निर्देश

- यूपीएग्रो की ओर से अन्नदाताओं को भुगतान में देरी पर जतायी नाराजगी





जनसंदेश न्यूज

वाराणसी। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एवं जनपद के नोडल अफसर डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने सर्किट हाउस सभागार में जनपद में चल रही धान खरीद की प्रगति संबंधी समीक्षा की। उन्होंने क्रय एजेंसियों को निर्देश दि या कि क्रय केंद्रों पर आने वाले सभी किसानों से धान की खरीद की जाय। कृषक चाहे जिनता धान बेचना चाहे, वह सभी धान एमएसपी पर खरीद करें। इसका लाभ किसान को मिलेगा।

शासन के दूत डॉ. चतुर्वेदी अपने तीन दिनी दौरे के दूसरे दिन रविवार की शाम यह मीटिंग कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि इस प्रकार की पहल के चलते लक्ष्य से अधिक धान आने पर भी पूरा धान खरीदा जाएगा। क्रय एजेंसियां खरीद के बाद जल्द से धान मिलों को डिलीवर करें। किसानों का भुगतान भी तय समय सीमा में हो। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने यूपीएग्रो द्वारा भुगतान में देरी किये जाने पर सख्त नाराजगी जतायी।

उन्होंने विभागीय अधिकारी को भविष्य के लिए सचेत करते हुए कहा कि किसानों के भुगतान में कतई विलंब न हो। इस अवसर पर महकमों के अफसरों ने उन्हें बताया कि अब तक 25 हजार एमटी धान खरीद हो चुकी है जो लक्ष्य का लगभग 62 फीसदी है। इससे पांच हजार 33 किसान लाभांवित हुए हैं। धान खरीद के एवज में किसानों के खातों में 20 करोड़ 75 लाख रुपये भेज दिये गये हैं।





घोषणा-पत्र न देने वाले किसानों के आवेदन करें रद

अपर मुख्य सचिव ने की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा

लंबित चल रहे 16 हजार आवेदनों को दस दिन में निबटाने पर जोर

जनसंदेश् न्यूज

वाराणसी। राज्य के अपर मुख्य सचिव एवं वाराणसी जिले के नोडल अधिकारी डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लंबित प्रकरणों को दस दिन के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिये हैं। रविवार को अपराह्न सर्किट हाउस स्थित कक्ष में कृषि विभाग के अफसरों के साथ महकमे के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह कहा। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य ने उन्हें बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लगभग 16 हजार ऐसे आवेदन हैं जिनके सत्यापन में समस्या आ रही है।

इस मौके पर श्री मौर्य ने डॉ. चतुर्वेदी को बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि में पेंडिंग करीब 16 हजार अर्जियों में तमाम ऐसे हैं जिनमें आवेदक मौके पर नहीं मिला। उन लोगों ने घोषणा-पत्र भी नहीं दिया है। कई आवेदकों ने शहर के बाहर अन्य जिलों या प्रदेश में रहते हुए इस योजना में लाभांवित होने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया है। फलस्वरूप उन किसानों के सत्यापन को लेकर भारी मुश्किल आ रही है।

इस पर नोडल अफसर ने निर्देश दिये कि इस स्कीम में जिन किसानों ने घोषणा-पत्र नहीं दिया है और वह दिये गये निवास स्थान पर नहीं रहते या अभिलेखों में आवासीय जमीन को खेत के तौर पर पेश किया गया है तो ऐसे लोगों के आवेदनों को तत्काल रद कर दें। योजना के अंतर्गत हर हाल में सिर्फ पात्रों को ही लाभांवित करना है। डॉ. चतुर्वेदी ने कृषि विभाग से संबद्ध अन्य बिंदुओं पर भी समीक्षा की। मीटिंग में उप निदेशक कृषि स्मिता वर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि अखिलेश चंद्र शर्मा और भूमि संरक्षण अधिकारी अमित कुमार वर्मा थे। बैठक की जानकारी जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य ने दी।




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