मेरे अंदर स्वाभाविक रूप से आता है हीरो का किरदार: अभिषेक निगम



डाॅ. दिलीप सिंह

इंदौर।  ‘हीरो-गायब मोड आॅन’  का टीजर जब मैंने टीवी पर पहली बार देखा तो मैंने तुरंत खुद से कहा कि मैं इस तरह का शो करना चाहता हूं। फिर जब ये शो मेरे पास आया, तो मैं बहुत उत्साहित हो गया और इस शानदार भूमिका और कहानी के लिए मना नहीं कर सका। मैं सोनी सब का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली समझता हूं और मैं खुश हूं, यह एक ऐसा चैनल है जो अपने कंटेंट के द्वारा हमेशा लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाता है। हीरो-गायब मोड आॅन के साथ भी हमारा लगातार यही एक लक्ष्य है। वो कहते हैं कि अक्सर हीरो एक साधारण व्यक्ति होता है जो कई मुश्किलों के बावजूद दृढ़ता से हर चीज से लड़ने की शक्ति पाता है। दर्शको को ऐसा ही इस शो में भी देखने को मिलेगा। जबकि अदृश्यता इस शो का एक सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, हीरो-गायब मोड आॅन दर्शकों के लिए एक देखनेलायक प्रस्तुति का वादा करता है। यह शो एक साइंस फिक्शन है जो सभी एक्शन ड्रामा, रोमांस और हर वो चीज हमारे दर्शकों को देगा जो हमारे दर्शक टेलीविजन पर देखना पसंद करते हैं।

वीर बहुत ज्यादा दयालु, जिम्मेदार, प्यारा है और वह कभी भी किसी का दिल नहीं दुखाता, कोई उसका दिल भी दुखाएं तो भी नहीं। वहीं दूसरी तरफ हीरो बिलकुल ही अलग है क्योंकि वह शरारती और बहुत मिलनसार है। अगर कोई वीर को परेशान करे तो शायद वह उन्हें माफ कर दे लेकिन अगर कोई हीरो को परेशान करता है वह निश्चित रूप से उससे अपना बदला जरूर लेता है। हालांकि एक चीज है जो हीरो और वीर में बिलकुल समान है। दोनों ही किसी कमजोर को कभी भी चोट नहीं पहुंचाते। मुझे लगता है कि मैं हीरो से ज्यादा सम्बंधित हूं क्योंकि वह विचित्र, शरारती और पूरी तरह सरप्राइज से भरा हुआ है। मैं भी काफी हद तक वैसा ही हूं। यहां तक कि इन दोनों ही भूमिका की आॅडिशन के दौरान मुझे वीर के किरदार के लिए ज्यादा तैयारी करनी पड़ी जबकि, हीरो स्वाभाविक रूप से मेरे अंदर से बाहर आया। 

मैं मार्शल आर्ट्स और जिम्नास्टिक की ट्रेनिंग ले रहा हूं क्योंकि मुझे अपनी भूमिका के लिए बहुत सारे स्टंट करने होते है। मैं खुद को शेप में लाने के लिए अपने शरीर पर बहुत काम कर रहा हूं क्योंकि मैंने लॉकडाउन के दौरान छोले भटूरों का बहुत आनंद लिया है और बहुत स्वादिष्ट भोजन खाया है। मैं सुबह 4रू30 बजे उठता हूं, ट्रेनिंग करता हूं, शूट पर जाता हूं, वापस आता हूं और वर्कआउट करता हूं। मैं अपने अभिनय से इस किरदार के साथ पूरा न्याय करना चाहता हूं और साथ ही साथ मैं शारीरिक बनावट के साथ पूरी तरह समर्पित होना चाहता हूं। मैं अपने वास्तविक जीवन में अदृश्य होने की शक्ति पाना चाहूंगा। अगर मैं कुछ समय के लिए असल में अदृश्य हो जाता हूं, तो मैं फ्लाइट में चढ़कर उन जगहों का सफर करना चाहूंगा जिन जगहों पर मैं अभी जा नहीं सकता। इसके अलावा, मैं हमारे समय के कुछ महान इनोवेटर्स और उद्योगपतियों के बारे में जानने में समय बिताना चाहूंगा।

हीरो- गायब मोड आॅन की पूरी टीम के साथ शूटिंग करने का अनुभव बहुत ही खुबसूरत रहा है। हमारे आर्ट डायरेक्टर, क्रिएटिव टीम, मेरे को-स्टार्स, शो के तकनीशियन दल और हर कोई बहुत ही फ्रेंडली है और उनके पास शानदार ऊर्जा है और उनके साथ बहुत अच्छा माहौल है। हम सभी एक दूसरे के साथ बहुत अच्छा बॉन्ड शेयर करते हैं और अब मैं हर दिन हर किसी से सेट पर कुछ न कुछ सीख ही रहा हूं। हर कोई एक-दूसरे की परफॉरमेंस को बेहतर बनाने में मदद करता है।

इसके अलावा शो में बहुत कुछ करने को है जैसे एक्शन, इमोशंस, रोमांस और भी कई चीजें ऐसी हैं जिसका आनंद मैं हर पल सेट पर लेता हूं। येशा और मैं एक अलग ही लेवल का कम्फर्ट शेयर करते हैं। पहले दिन जब हमने अपना पहला शॉट दिया था तब हम दोनों के बीच अच्छी केमिस्ट्री रही। उसके साथ शूटिंग करना हमेशा मजेदार होता है।  मैं सिर्फ यही कहना चाहूंगा कि दर्शक बहुत ही नए और बड़े स्केल पर सुपरहीरो शो के साक्षी बनने जा रहे हैं, जिसमें बहुत सारे दिलचस्प मोड़ हैं। इस शो में सभी इमोशन हैं और यह दर्शकों को अपनी भव्यता से प्रभावित करेगा। इसकी कहानी मुंबई की है और दर्शकों के लिए बहुत ही दिलचस्प होने वाली है क्योंकि उन्हें यह जानने का मौका मिलेगा कि फिल्म इंडस्ट्री में आॅन और आॅफ कैमरा क्या चलता है। मैं सभी दर्शकों से यह दरख्वास्त करना चाहूंगा कि वह शो को अपना पूरा प्यार और सहयोग दें।


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