ग्रेडिंग के लिए आंकड़ों को दुरुस्त करने में जुटा संस्कृत विश्वविद्यालय

विद्यार्थियों का मोबाइल नंबर व मेल नए सिरे से किया जा रहा अपडेट

विश्वविद्यालय फरवरी में नैक को भेजेगा सेल्फ स्टडी रिपोर्ट 



मनोज कुमार

वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन इन दिनों अपने पांच साल के आंकड़ों को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। छात्रों के मेल व मोबाइल नंबर के साथ-साथ पिछले पांच सालों के सभी आंकड़ों को एक बार फिर जुटाया जा रहा है। जिससे विश्वविद्यालय इन आंकड़ों को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यापन परिषद (नैक) को ग्रेडिंग हेतु भेज सकें। 

दरअसल संस्कृत विश्वविद्यालय को नैक से पांच वर्षों के लिए प्राप्त ‘ए’ ग्रेडिंग दिसंबर 2019 को समाप्त हो गया। जिसके नवीनीकरण के लिए विश्वविद्यालय ने प्रयास तेज कर दिया है। कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल की अध्यक्षता में हुई आइक्यूएसी की बैठक में नैक को फरवरी में एसएसआर (सेल्फ स्टडी रिपोर्ट) भेजने का निर्णय लिया है। वहीं नैक की टीम से अप्रैल-मई महीने में निरीक्षण कराने की योजना है। विश्वविद्यालय ने नैक टीम के निरीक्षण करने से पहले माक ड्रिल कराने का निर्णय लिया है। ताकि निरीक्षण के पहले जो भी कमियां हो दूर किया जा सके। 

ग्रेडिंग के 70 फीसदी अंक आॅनलाइन आंकड़ों पर निर्धारित

आपको बता दें कि नैक से अच्छी ग्रेडिंग हासिल करने के लिए अब आंकड़ों की बाजीगरी बेहद जरूरी है। नैक मूल्यांकन में 70 फीसदी अंक आॅनलाइन भेजे गए आंकड़ों पर ही मिलते है। जिसमें छात्रों का फीड बैक भी शामिल है। दस फीसदी छात्रों को फोन कर नैक टीम विश्वविद्यालय का फीड बैक लेती है। ऐसे में अच्छी ग्रेडिंग के आंकड़ा दुरूस्त होना बेहद महत्वपूर्ण है।

विश्वविद्यालय के सामने मुश्किल यह है कि तमाम छात्रों ने प्रवेश फार्म में मोबाइल नंबर ही गलत भर दिया है। ज्यादातर फोन नंबर अस्तित्व में ही नहीं है। जिसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन परेशानी में हैं। इस देखते हुए विश्वविद्यालय ने सभी विभागों के छात्रों का मेल व मोबाइल नंबर नए सिरे से लेने का निर्देश दिया है। ताकि विद्यार्थियों का सही-सही विवरण तैयार कर नैक को सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) के लिए भेजा जा सके। 


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