जईसे गउने क दुलहिन नइहर चल जाय आउर दुलहा होय उदास, कल तक ग्राम प्रधान रहे, कार्यकाल खत्म होते ही कई चेहरों पर दिखी उदासी

- ग्रापं का खाता बंद होते ही कई ब्लॉक मुख्यालयों पर गहमी-गहमी हुई खत्म

- निवर्तमान ग्राम प्रधान आराम की मुद्रा में, कई ने अपने मोबाइल किये आॅफ

- बीते शुक्रवार तक गांव की सरकार संभालने वालों के चेहरों से रौब नदारद



सुरोजीत चैटर्जी

वाराणसी। बीते शुक्रवार तक ग्राम प्रधान रहीं हरहुआ ब्लॉक के औरा गांव की विद्योत्मा देवी कहती हैं कि भइया कपारे क सारा बोझ खतम हो गयल। आगे जवन होई तवन देखल जाई। वहीं, मुर्दहां के प्रधान रहे संतोष सिंह बोले, बहुतै रिलेक्स मिलत हव। अब चार दिन आराम कइले के बाद बाद सोचल जाई। एक महीन्ना में पांच किलो वजन कम हो गयल। एक अन्य निवर्तमान प्रधान ने कहा कि जईसे गउने क दुलहिन नइहर चल जाए आउर दुलहा उदास हो, जानय कि उहै स्थिति बा। इधर, तमाम निवर्तमान ग्राम प्रधानों ने अपने मोबाइल फोन के स्विच आॅफ कर लिए हैं।

गांव की सरकार चलाने वालों का पांच साल का कार्यकाल गत शुक्रवार को खत्म होते ही शनिवार को तमाम निवर्तमान ग्राम प्रधान कुछ इस तरह राहत में दिखे मानो लंबी तीर्थयात्रा करने के बाद थककर लौटे हों। शिकायत, मांग और नाराजगी आदि को लेकर सुबह-शाम का उनका सिर दर्द जैसे बिना दवा के दूर हो गया। अब तो हर प्रश्नों का एक ही उत्तर देना है कि खाता बंद हो गया तो अब हम क्या करें। गांव प्रधान अब खास से आम हो गए हैं।

हरहुआ विकास खंड मुख्यालय पर प्रतिदिन की गहमा-गहमी शनिवार नदारद थी। बीते 24 दिसंबर की सुबह से डाउन चल रहा सर्वर 25 को भी दुरुस्त न होने से पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं हो सका। खाता ग्राम प्रधान और सचिवों के हाथों से निकलकर प्रशासकों के हाथ जाने के चलते जनपद के ब्लॉक मुख्यालयों पर लंबित पेमेंट को लेकर दौड़धूप रही। बीडीओ और एडीओ पंचायत ने भुगतान का भरोसा दिया।

वहीं, कार्यकाल खत्म होते ही निवर्तमान हो चुके तमाम ग्राम प्रधानों ने मोबाइल फोन के स्विच आॅफ कर लिए। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव लंबित कार्यों की फाइलें निबटाने में जुटे थे। कल तक जिनके हाथों में ग्राम पंचायतों की कमान थी आज उनके चेहरों से पहले जैसा रौब भी नहीं दिखा। ब्लॉक मुख्यालयों पर चर्चा रही कि अब गांव के मुखिया रहे लोग अपनी मुखियागिरी का रौब कैसे दिखाएंगे।

बकाया भुगतान को काटते रहे चक्कर

वाराणसी। बीते दिनों तक गांव की सरकार चलाने वाले तमाम ग्राम प्रधान शनिवार को जहां बकाया पेमेंट के लिए विकास खंड मुख् यालय के चक्कर काटते रहे। चांदमारी प्रतिनिधि के अनुसार हरहुआ ब्लॉक के एक ग्रामसभा के प्रधान रहे रामजी ने कहा कि अब तो अगले प्रधानी के चुनाव के लिए सीटों के आरक्षण की स्थिति का इंतजार रहेगा। चिरईगांव प्रतिनिधि के मुताबिक मिल्कोपुर की प्रधान रहीं सोनपत्ति देवी, रमगढ़वा के निवर्तमान प्रधान राजेश, उमरहा की सुनीता सिंह, सुल्तानपुर के बसंत कुमार लंबित भुगतान के लिए परेशान दिखे। 

बाबतपुर प्रतिनिधि के अनुसार बड़ागांव ब्लॉक मुख्यालय में बीडीओ नहीं दिखे। एडीओ कुछ देर के लिए पहुंचे और उसके बाद रवाना हो गये। मौके पर चक्कर काट रहे निवर्तमान इक्का-दुक्का ग्राम प्रधानों ने कहा हमारी फाइल साहब देख लेते तो बकाया पेमेंटवा हो जाता। पिंडरा प्रतिनिधि के मुताबिक स्थानीय ब्लॉक मुख्यालय में कई निवर्तमान प्रधान फाइलें लेकर दौड़भाग करते दिखे। काशीपुर के प्रधान रहे सौरभ वर्मा, परसरा की बिंदु देवी और फूलपुर की सीता देवी ने कहा कि अब तो सब एडीओ पंचायत के हाथों में है।


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