ये कैसा मॉडल ब्लॉक? 20 साल से अधूरा पड़ा पंचायत भवन, सीडीओ ने रोका एबीएसए का वेतन

- मुआयने को पहुंचे सीडीओ ने रामेश्वर के पंचायत भवन की देखी हकीकत

- मोहल्ला स्कूल अनियमित, एबीएसए का वेतन रोकने समेत स्पष्टीकरण तलब

- हीरमपुर के विद्यालय में टीचर नहीं बल्कि बच्चे ही बच्चों को पढ़ाते हुए मिले

- अध्यापकों से जवाब-तलब, कंपोस्ट फ्रंट की खर्च धनराशि की होगी जांच

- आंगनबाड़ी केंद्र का कायाकल्प न कराने पर प्रधान और सचिव को नोटिस



विनोद कुमार सिंह

सेवापुरी। एकओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत भवनों का लोकार्पण-शिलान्यास कर रहे हैं वहीं उनके संसदीय क्षेत्र के रामेश्वर ग्राम पंचायत में एक पंचायत भवन बीते दो दशक से अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया है। समझा जा सकता है कि सेवापुरी ब्लॉक में तैनात अफसर और कर्मचारी अपने कार्य के प्रति कितने गंभीर हैं। जबकि इस विकास खंड को देश का पहला मॉडल ब्लॉक बनाने का दावा किया जा रहा है। इस गांव में जारी विकास कार्य का जायजा लेने सोमवार को पहुंचे सीडीओ मधुसूदन हुल्गी ने खुद इस पंचायत भवन की हकीकत देखी। उन्होंने स्थानीय प्राथमिक स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र समेत कुछ अन्य गांवों का निरीक्षण किया।



मुख्य विकास अधिकारी ने रामेश्वर में डब्ल्यूएसटी स्कीम के तहत बन रहे तालाब का जायजा लेते हुए एक सप्ताह में पूर्ण कराने के निर्देश दिये। गत 20 वर्ष से अर्द्धनिर्मित हालत में पड़े पंचायत भवन का कार्य दो दिन के भीतर पूरा कराने पर बल देते हुए चेताया कि यदि वक्त पर कार्य पूर्ण नहीं किया तो सचिव और ग्राम प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गांव के प्राथमिक विद्यालय के मुआयने में उन्होंने पाया कि तैनात अध्यापक मोहल्ला स्कूल का संचालन नियमानुसार नहीं कर रहे हैं। इस पर उन्होंने एबीएस से स्पष्टीकरण लेने और एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिये।



इसी क्रम में सीडीओ ने ग्राम पंचायत हीरमपुर के प्राथमिक विद्यालय का जायजा लिया। मौके पर अध्यापक के बजाय बच्चे ही बच्चों को पढ़ाते हुए पाये गये। इस पर उन्होंने अध्यापकों से स्पष्टीकरण लेने और कंपोस्ट फ्रंट से खर्च की गयी धनराशि की जांच कराने के निर्देश दिये। श्री हुल्गी ने आंगनबाड़ी केंद्र में कायाकल्प न कराये जाने पर ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस देने तथा तीन दिन में सेंटर का कायाकल्प और टाइल्स लगाने का काम पूर्ण कराने को कहा।



दूसरी ओर, बरेमा गांव में केवीआईसी की ओर से संचालित केंद्र भवन की स्थिति असंतोषजनक पाये जाने पर सात दिन के भीतर उसे दुरुस्त करने के निर्देश दिये। बरेमा के कंपोजिट स्कूल की अवशेष मरम्मत का काम जल्द पूरा करने और जर्जर भवन को ध्वस्त कराने को कहा। उन्होंने खंड विकास अधिकारी, सचिव और अध्यापकों को विद्यालय परिसर में पार्क, सुंदरीकरण एवं खेलकूद मैदान के विकसित कराने के निर्देश दिये।



 

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