शास्त्री सेतु पर बनेगा छह लेन की पुल: रमाशंकर सिंह पटेल, जनसंदेश के साथ खास बातचीत

ऊर्जा राज्यमंत्री बोले, 24 घंटे बिजली देने के लिए निजीकरण जरूरी



संजय दूबे/मुकेश पाण्डेय

मीरजापुर। जब बात हो नक्सल प्रभावित व पिछड़ा जनपद मिर्जापुर कि तो इस कड़ी में जिले का विकास की कड़ी असल मायनों में जरूरी होता है। जिले की शिक्षा, रोजगार, सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त होने के बाद ही जिले में विकास परिकल्पना किया जा सकता है। सरकार के तीन वर्ष से अधिक के कार्यकाल में कराए गए कार्यों को लेकर अतिरिक्त ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल जनसंदेश टाइम्स से मुखर हुए। उन्होंने कुछ तीखे और कुछ मीठे प्रश्नों का बड़ी सहजता से उत्तर देते हुए कहा कि हमारी सरकार जिले की विकास को लेकर पूरी तरह से तप्तर है। जिले में बिजली हो या सड़क हर क्षेत्र में काम किया गया है। मंत्री बनने के बाद जिले में लंबित पड़ी 150 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना को स्वीकृत कराया है। शास्त्री सेतु के मरम्मत की बात हो या फिर सड़क का जंजाल बुनने का हो। हर क्षेत्र में सरकार ने काम किया गया है, वहीं सभी लंबित परियोजनाओं को पूर्ण करने को लेकर भी कार्य किया जा रहा है। 

’शास्त्री सेतु को लेकर क्या प्रयास किया गया?

पूर्वांचल के शास्त्री सेतु को लेकर हमने खुद चिट्ठी लिखा है। इसको लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता भी हुई है। शास्त्री सेतु की परियोजना को लेकर काम चल रहा है। कुछ दिन बाद प्रगति जमीन पर आएगा। बहुत जल्द ही शास्त्री सेतु पर पर छह लेन की पुल बनने जा रहा है, जहां जल्द ही इसका शिलान्यास हो सकता है। शासन स्तर पर शास्त्री सेतु की परियोजना की प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है। 

विद्युत विभाग ग्राहकों की सुविधा को लेकर क्या बदलाव किया?

विद्युत विभाग में अधिकारियों की शिकायत कई बार मिली थी। इसको लेकर उन्हें सख्त निर्देश दिया गया था। प्रदेशभर में सौभाग्य योजना के तहत सवा डेढ़ करोड़ लोगों को कनेक्शन दिया गया है। बिल की व्यवस्था हो या कनेक्शन लेने की हो, सब ऑनलाइन कर दिया गया है। जिनका बिल बकाया है या परिवार का आपस में तालमेल नहीं खा रहा है, उनको ही दिक्कत आ रही है। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत एक हफ्ते के अंदर कनेक्शन दिया जा रहा है। एक मकान में दो कनेक्शन नहीं दिए जा सकते, यह विद्युत विभाग की गाइडलाइन है। 

मड़िहान विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में बिजली नही पहुंच पाई है?

आजादी के बाद भी प्रदेश सहित जिले के कई गांव तक बिजली नहीं पहुंच गई पाई थी या फिर यूं कहें कि उन गांव के लोगों ने बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दिया था। सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत उन सभी गांवों तक बिजली पहुंचाया है। प्रदेश सहित जनपद में हर एक गांव व मजरे को रोशन किया है। सरकार सौभाग्य योजना के तीसरे चरण में हर एक घर को रोशन करने के तहत विद्युत कनेक्शन देने जा रही है। हमारे संज्ञान में मड़िहान विधानसभा में ऐसा कोई राजश्व गांव या मजरा नहीं है, जहां बिजली नहीं पहुंची है। कई जगह पर वन विभाग या अन्य कारणों से दिक्कत आई है, जिसे दूर करके बिजली पहुंचाया जा रहा है। 

किसानों को बिजली देने को लेकर सरकार क्या प्लान कर रही है?

सरकार किसानों को मुफ्त बिजली देने को लेकर विचार कर रही है, लेकिन अभी इसपर कोई भी प्लान तैयार नहीं किया है। कोरोना की वजह से कुछ दिक्कतें आई है, जहां अभी काफी चीजें लंबित है। आगामी सत्र में किसानों के खेतों तक मुफ्त बिजली देने की सरकार की योजना है, और इसको लेकर कोई प्लान तैयार नही किया गया है, जल्द ही इसपर विचार चल रहा है, जल्द ही निष्कर्ष निकलेगा।

मड़िहान विधानसभा को मॉडल विधानसभा बनाने को लेकर क्या प्रयास किया गया?

मड़िहान विधानसभा जो कि नक्सल प्रभावित व पिछड़ा विधानसभा है। ऐसे में इस विधानसभा में पिछले 3 सालों में बहुत काम किए गए हैं। मड़िहान विधानसभा की सड़कों को चौड़ीकरण करने का काम किया गया है। सड़क हो या विद्युत का मामला हो, मड़िहान विधानसभा काफी पिछड़ा था। इससे पहले विधायक जीतने के बाद क्षेत्र में नहीं जाते थे। मड़िहान विधानसभा को माडल विधानसभा बनाने को लेकर हम लोग आगे बढ़ रहे हैं। मड़िहान विधानसभा में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। सिरसी वाया दीपनगर, कलवारी वाया लालगंज, अदलहाट वाया शेरवा या फिर शतेशगढ़ वाया चुनार का मार्ग सभी सड़कों के चौड़ीकरण करने का काम किया गया है। मड़िहान विधानसभा की 10 प्रतिशत सड़के खराब मिलेंगी, वहीं 90 प्रतिशत मॉडल मिलेंगे।

बिजली विभाग का क्या निजीकरण होगा?

प्रदेशवासियों को 24 घंटे बिजली देने का सपना निजीकरण के बिना पूरा नही किया जा सकता है। सरकार प्रदेशवासियों को स्वच्छ बिजली और शुलभ बिजली देने को लेकर पूरी तरीके से अग्रसर है, इसको लेकर हमें जो भी करना पड़े हम करेंगे। निजीकरण को लेकर तीन महीने का बिजली कर्मचारियों को समय दिया गया था, लेकिन उनके काम में बदलाव आने को कौन कहे उनका काम दिन पर दिन और खराब होता जा रहा है। ऐसे में सरकार इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। गरीब का जिसका एक सौ से डेढ़ सौ बिल आना चाहिए, उसे हजार से पंद्रह सौ का बिल थमाया जा रहा है। ऐसे में विभाग से भ्रष्टाचार खत्म करने और स्वच्छ बिजली सुंदर बिजली भरोसेमंद मिलने देने को लेकर निजीकरण बहुत जरूरी है। तीन महीने में सुधार नहीं हुआ तो निजीकरण करेंगे। 

मंत्री काल में कितने सब स्टेशन बनाये जा रहे है?

जिले में कुल 9 पावर हाउस स्वीकृत किया गया है, जिसमें पांच पावर हाउस बनकर तैयार हो गए हैं। 4 पावर हाउस का काम अभी प्रगति पर है, जिसमें बलहरा गोल्हनपुर, अहरौरा व हाजीपुर पावर का काम पूरा नहीं हुआ है। मड़िहान विधानसभा क्षेत्र में 4 पावर हाउस बने हैं, जिसमें दो पावर हाउस काम पूरा हो चुका है, वहीं दो पावर हाउस का काम अधूरा हैं, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

पेयजल को लेकर क्या प्रयास किया गया?

जिले में प्रेयजल की समस्या दूर करने को लेकर सरकार सजग है। जिले में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए हर घर नल योजना के तहत इसे दूर किया जाएगा। प्रेयजल समस्या को दूर करना अगली प्राथमिकता है। मड़िहान विधानसभा के गढ़वा व सिंहवान में बोर सफल नहीं है, वहां पर चुआड़ या गड्ढा से कोई पानी नही पी रहा है। बोर सफल न होने के कारण वहां पर यह दिक्कत आ रही है। इस योजना के तहत वहां भी पानी पहुंचाया जाएगा। प्रेयजल समस्या से सबसे ज्यादा मड़िहान विधानसभा प्रभावित है, जहां इसका सबसे ज्यादा लाभ मड़िहान विधानसभा को मिलेगा। 

प्रधानमंत्री आवास को लेकर क्या किया गया?

आजादी के बाद से गरीबों को आवास देने को लेकर कोई काम नहीं किया गया था। पिछली सरकार में अधिकारी व ग्राम प्रधान आवास का पैसा खा जाते थे, लेकिन हमारी सरकार में ऐसा नही हुआ है।  सरकार ने गरीबों को आवास देने का काम किया है जिन आवासों का काम अधूरा है। जल्द ही उनको पूरा कराया जाएगा, वहीं जिनकी किस्त लंबित है, उनको किस्त तो दिया जाएगा। आवास देने के मामले में जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। सरकार हर गरीब को 2022 तक पक्का मकान देगी।

केंद्रीय विद्यालय की बिजली क्यों काटा गया?

केंद्रीय विद्यालय की बिजली कटना कोई मुद्दा नही था। बिजली कटने का मामला केंद्र सरकार और राज्य सरकार का था। इसपर राजनीति नही होना चाहिए। प्रदेश में किसी को भी मुफ्त में बिजली नहीं दिया जा रहा है,  हम चाहे खुद क्यों न हो। हम खुद बिजली का भुगतान करते हैं। ऐसे में मुफ्त  बिजली देने का कोई नियम नहीं है। 

भारतीय जनता पार्टी अपना दल (एस) का विलय करना चाहती है?

भारतीय जनता पार्टी पूरे विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। हमारी पार्टी में खुद 18 करोड़ कार्यकर्ता है। जिनको लगता है कि उनके जाने से भारतीय जनता पार्टी के सेहत पर असर पड़ेगा वो स्वतंत्र है। ऐसे में अपना दल (एस) के विलय करने की खबर निराधार हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सबसे सक्रिय कार्यकर्ता है। भारतीय जनता पार्टी का हर एक कार्यकर्ता खुद विधायक व मंत्री है। भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहां कौन कब क्या बन जायेगा यह भी पता नही होता है। 

रोजगार को लेकर सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं?

हमारी सरकार में रोजगार को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले 15 सालों के अंदर सपा व बसपा से डेढ़ गुना ज्यादा लोगों बेहद पारदर्शी तरीके से नौकरी दिया गया है। बात रही जिले में रोजगार व उद्योग कि तो 24 घंटे बिजली दिए बगैर जिले में कोई भी उद्योग की स्थापना नहीं हो पाएगी। हम पहले 24 घंटे बिजली देने को प्राथमिकता दे रहे है। जिसके बाद कंपनियां जिले में स्थापित हो सकेगी।




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