पत्रकार को बूटों से पीटने वाले चौकी इंचार्ज ने शिक्षक को लाठियों से पीटा, किया चालान, मॉस्क के लिए टोकना शिक्षक को पड़ा भारी



अमित राय

फरिहा/आजमगढ़।  एक बार फिर फरिहां चौकी इंचार्ज उस समय चर्चा में आ गये जब एक शिक्षक को डण्डों से पीटकर चालान कर दिये। कुछ दिन पूर्व घटना की जानकारी लेने पर पत्रकारों को बुटों से पीटा तो गुरुवार को एक शिक्षक को चौकी ले जाकर लाठियों से पीटकर उसका चालान कर दिया। 

निजामाबाद थाना क्षेत्र के बड़ा गांव हुसामपुर निवासी राम बुझारत पुत्र रामकुंवर जो कि फरिहा चौक पर स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में अध्यापक है, किसी काम से बाजार में गए थे। उनको चौकी इंचार्ज ने रोक लिया और मोटर साइकिल का कागज चेक करने लगे सब कागज सही होने पर बोले तुम मास्क नहीं लगाए हो इसलिए तुम्हारा चालान काटा जाएगा। 

शिक्षक ने कहा कि सर मास्क तो आप और आप के सहयोगी पुलिस कर्मी भी नही लगाये है, बस इतना ही शिक्षक का कहना चौंकी इंचार्ज को इतना बुरा लगा कि वह आग बबूला हो गये। तुरन्त शिक्षक को हिरासत में लेकर चौकी पर ले जाकर उसे लाठियों से पीटा और उसका चालान कर दिया। मास्क न लगाने की सजा तो शिक्षक को चौकी इंचार्ज ने लाठियों से पीट कर दी लेकिन जब उसी आरोप में पुलिस भी थी जो मांस्क न लगाये थी तो उन्हे सजा कौन दे। 

जब जनपद के पुलिस के मुखिया मास्क न लगाने पर खुद अपना चालान कटवा सकते हैं तो उनके अधिनस्त चौकी इंचार्ज फरिहा द्वारा टोके जाने पर पीटना कहां का न्याय है। चर्चा तो यह भी है कि पुलिस के किस कानून में यह लिखा है कि मास्क न लगाने की सजा लाठियों से पीटना है। खुद पुलिस नियमों का अनुपालन नहीं कर रही है यदि कोई उनकों याद दिला दे तो इसकी सजा उसे लाठियों से भुगतना पड़े। इसकी चर्चा फरिहां सहित आसपास के इलाकों में जोरों पर है। अब देखना है कि निरंकुश पर चौकी इंचार्ज फरिहां पर पुलिस के आलाधिकारी कोई कार्रवाई करते हैं या फिर मौन साध लेते हैं।  




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