नई पहल: ‘ग्राम सचिवालय’ के तौर पर संचालित होंगे पंचायत भवन, कमिश्नर ने अफसरों को दिये निर्देश

- इन सचिवायलों में लेंगे आय-जाति-जन्म-मृत्यु-वरासत के आवेदन

- मंडल के सभी जनपदों में शिविर लगवाकर बनवाएंगे गोल्डन कार्ड

- सस्ते गल्ले की दुकानों के आवंटनों में एसएचजी को देंगे प्राथमिकता

- क्रियाशील सामुदायिक शौचालयों के मेंटेनेंस को लेंगे यूजर चार्ज



सुरोजीत चैटर्जी

वाराणसी। पंचायत भवनों को अब ग्राम सचिवालय के रूप में ढाला जाएगा। आमलोगों को तहसीलों के चक्कर लगाने के बजाय यहीं पर आय-जाति-वरासत और जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र के आवेदन लिए जाएंगे। निमार्णाधीन हेल्थ सेंटरों को हर हाल में आगामी फरवरी तक पूर्ण कर चालू कर देना होगा। मंडल के जनपदों में कैंप लगाकर पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे। सस्ते गल्ले की खाली चल रही दुकानें अब प्राथमिकता पर सेल्फ हेल्प ग्रुप को आवंटित किये जाएंगे।

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बुधवार को अपने अनुश्रवण कक्ष सभागार में विकास एवं निर्माण कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अफसरों को यह निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामसभाओं के पंचायत भवनों को ‘ग्राम सचिवालय’ के तौर पर विकसित करने पर जोर देते हुए मौके पर सचिव एवं लेखपाल की ड्यूटी तय करने को कहा। साथ ही दोनों स्टाफ के नाम, मोबाइल नंबर समेत वहां पर उनकी मौजूदगी का दिन दीवारों पर लिखवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालय में आय, जाति, निवास, वरासत, जन्म-मृत्यु आदि के आवेदन भी लिए जाएं।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि क्रियाशील हो चुके सामुदायिक शौचालयों पर स्थानीय सहमति के आधार पर यूजर चार्ज लगाएं। सड़कों के किनारे स्थित ऐसे शौचालयों की दीवारों पर प्रचार सामग्री के रूप में होर्डिंग और वॉल पेंटिंग कराते हुए आय भी प्राप्त करें। ताकि उन शौचालयों के छोटे-छोटे कार्य कराये जाने में आर्थिक सहयोग उपलब्ध रहे। उन्होंने घरों पर स्टाफ नर्स तथा एएनएम द्वारा डिलेवरी कराए जाने की जानकारी रोष व्यक्त करते हुए संस्थागत प्रसव पर विशेष बल देकर संबंधित सूचनाएं जुटाने के निर्देश दिये।

उन्होंने सभी सीएमओ से कहा कि जो डिलेवरी गैर पंजीकृत नर्सिंगहोम में हुए हों और यदि वह स्वास्थ्य विभाग के मानक पूरे करते हैं तो उनका पंजीकरण कराएं। जिलों में गैर पंजीकृत नर्सिंगहोमों की जानकारी लें। मरीजों और उनके अभिभावकों को परेशानी से बचाने के लिए एंबुलेंस समय से पहुंचे। मंडलायुक्त ने जिलों में कैंप लगाकर पात्रों का गोल्डन कार्ड बनवाने के निर्देश दिये।

मंडलायुक्त ने जनपदों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न की खाली चल रही दुकानों का आवंटन प्राथमिकता पर स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए करने को कहा। मीटिंग के दौरान गाजीपुर में पाइप पेयजल योजना के तहत तीन स्थान पर खारा पानी और एक जगह आर्सेनिक निकलने के कारण परियोजना बंद होने की जानकारी पर शासनस्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिये। ताकि वहां के अन्य अन्य स्थलों पर इस परियोजना को शिफ्ट कराना संभव हो।



डाटा फीडिंग में न रहे खामी

- मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बैठक के दौरान प्राथमिकता के विकास कार्यक्रमों की ऑनलाइन डाटा फीडिंग में गड़बड़ी की शिकायत पर नाराजगी जतायी। उन्होंने पूरी सजगता एवं सतर्कता के साथ डाटा फीडिंग कराने के निर्देश दिये। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इसी डाटा फीडिंग के आधार पर जनपद और मंडलों की रैकिंग एवं समीक्षा होती है।

शैक्षणिक गतिविधियों से बच्चों को जोड़ें

- कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने मीटिंग में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो बच्चे ऑनलाइन तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हैं उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जाए। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री एवं शहरी आवासों को समय से पूरा कराएं। कन्या सुमंगला योजना में जनपदों में अपेक्षाकृत कम आवेदन-पत्र भरवाए जाने पर उन्होंने रोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर मानक के अनुरूप गुणवत्ता संग तय वक्त में पूर्ण कराने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम के अभियंताओं को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में धनराशि की जरूरत है, उसके बारे में जल्द से जल्द शासनस्तर पर पत्राचार करें। ताकि कार्य किसी भी दशा में ठप न हों।








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