शिक्षा माफियाओं का खेल, प्रशासन के सारे दावे फेल, बीटीसी परीक्षा में खुलेआम नकल, जिम्मेदार कौन?

प्रतिकात्‍मक तस्‍वीर


अजय सिंह उर्फ राजू

गाजीपुर। योगी सरकार आने के बाद भी शिक्षा में भ्रष्टाचार रूकने का नाम नहीं ले रहा है। शिक्षा माफिया किसी भी परीक्षा में नकल कराने से बाज नहीं आ रहे है। बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब बीटीसी व डीएलएड परीक्षा में भी खुलेआम नकल हो रही है। बीटीसी परीक्षा में धुआंआर नकल को रोकने में केंद्रो पर लगे मजिस्ट्रेट और जिला प्रशासन भी कोई उपाय नही निकाल पा रहे है। जिसका नतीजा यह है कि परीक्षा में बेधड़क नकल हो रही है।

बीटीसी व डीएलएड प्रशिक्षण 2017-2018 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा 33 केंद्रों पर संचालित हो रही है। जिसमें  सात हजार 835 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में सख्ती के लिए 10 सेक्टर और 33 स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त है। जबकि करीब 15 हजार प्रशिक्षुओं की परीक्षा 57 केंद्रो पर हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार जमकर वित्तविहीन केंद्रो पर नकल की बात सामने आ चुकी है। वहीं 9 से 11 नंवबर की आयोजित परीक्षा में एक दूसरे कालेज परीक्षा केंद्रो पर लगातार संपर्क बनाए हुए है।

प्रशिक्षुओ से नकल के नाम पर मोटी रकम वसूली की गई है। सूत्रों का दावा है कि जिले में शिक्षा माफियाओ का बड़ा नेटवर्क है जिनकी उंचे लेबल तक पहुंच है। किसी सत्ता में अपनी चाल चलने में कामयाब हो जाते है। वह परीक्षा केंद्रो पर कालेज छात्रों का आवंटन कराने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। डीएलएड परीक्षा केंद्रो की बात करें तो मुख्यालय से 30 से 40 किमी दूर तक बनाएं गए। लोगों का मानना है कि जिस प्रकार बीएड परीक्षा केंद्र जिला मुख्यालय स्थित पीजी कालेज सहित अन्य कालेजों में बनाया जाता है, उसी प्रकार बीटीसी डीएलएड केंद्र भी बनाए जाए। जिससे की शिक्षा में भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकें।  

लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सरकारी नियमों के आधार पर इंटर कालेज को ही केंद्र बनाते है। मगर मुख्यालय समीप आदर्श इंटर कालेज सहित आदि दर्जनों कालेज जो सरकारी या एडेड है इन्हें यह बताकर दूर कर दिया जाता है कि सहमति नहीं मिली। इसके बाद दूर स्थित वित्तविहीन कालेज को केंद्रों के लिए प्रस्तावित कर दिया जाता है। इस संबंध में डीआईओएस ओम प्रकाश राय ने बताया कि परीक्षा केंद्रो में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। नकल के सवाल पर बताया कि सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त है, जो पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहें है। किसी भी केंद्र पर किसी की कोई नकल जैसी शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  




Popular posts from this blog

यूपी में होगी नौकरियों की बारिश, तीन लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी, जानिए किस विभाग में है कितना पद खाली?

सीएम योगी का बड़ा फैसला, यूपी में अगले तीन महीनों में सभी खाली पदों पर भर्तियां, छह महीनों में नियुक्ति के निर्देश

यूपी में नौकरियों की भरमार, अपनी दक्षता के अनुरूप जॉब तलाशेें युवा, यहां देखें पूरा डिटेल