जांच को पहुंचे अधिकारी वीडियो बनाने पर हुए आगबबूला, अधूरी जांच कर वापस लौटे



अजय सिंह उर्फ राजू

करण्डा/गाजीपुर। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार सूबे को स्वच्छ मिशन के तहत पूरी तरह से क्लीन देखना चाहती है। मगर उनके ही अधीनस्थ अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर योजनाओं को पूरी तरह से विफल बनाए जाने का प्रयास कर रहे हैं। बतौर बानगी

देवकली ब्लाक के बासुपुर गांव में शौचालय व पशुआश्रय केन्द्र के निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर बीते गुरुवार को जांच करने पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों के वीडियो बनाने पर आग बबूला होकर बिना जांच किए ही वापस लौट गए। ग्रामीणों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी अनिल कुमार सोनकर जांच करने पहुंचे। ग्रामीणों ने उनको जर्जर व घटिया निर्मित कई शौचालय दिखाया जो प्रयोग करने लायक ही नहीं था, पशु आश्रय केंद्र अपने घरों में बनाकर छुट्टा पशुओं की जगह अपने ही प्रयोग कर रह रहे थे। 

ग्रामीणों का कहना है कि जब हम लोगों ने जांच प्रक्रिया का वीडियो बनाना शुरू किया। तो जांच अधिकारी ने वीडियो बनाने से मना कर दिया और कहा कि जांच प्रक्रिया का वीडियो बनाने पर जांच नहीं करूंगा और बिना जांच पूरा किये चले गये। बासुपुर के लालमुनी, कैलास, रामधनी, रामबचन, चन्द्रभान, रामकुंवर, रविन्द्र आदि ने कहा कि सूची में तो नाम है लेकिन शौचालय नहीं बना है। साहब को मैने दिखा दिया है देखिये आगे क्या होता है।

मालूम हो कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार निर्माण में अनियमितता बरत रहे हैं और घटिया सामग्री का प्रयोग कर सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। मामले की शिकायत के बाद भी इस ओर जिम्मेदार अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। निर्माण में घटिया किस्म की सीमेंट-बालू व दो दर्ज की ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे निर्माण गुणवत्ताहीन हो रहा है। शौचालय के लिए खोद गए गड्ढे भी मानक के अनुरुप नहीं बन रहे हैं। जिसे लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी शिकायत भी की गई लेकिन आपसी मिलीभगत से इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।



 

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