बीएचयू स्पोर्ट्स बोर्ड के सहायक निदेशक साक्षात्कार अंतिम सूची में शामिल हुआ छेड़खानी का निलंबित आरोपी

महामना की बगिया में चहेते दागदार के नियुक्ति के लिए नियम तार-तार 



विजय सिंह

वाराणसी। बीएचयू स्पोर्ट्स बोर्ड के खेल के प्रोत्साहन के लिए भी खेल शुरू हो गया है। स्पोर्ट्स बोर्ड के खेल प्रशिक्षण के लिए ऐसे लोगों की नियुक्ति के लिए रास्ता साफ किया जा रहा है। जो छेड़छाड़ के मामले में कई जगहों से निष्कासित किए जा चुके हैं। मामला बीएचयू के सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा की नियुक्ति को लेकर सामने आया है। 

इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही है कि बीएचयू की ओर से जिनका साक्षात्कार करने के लिए नाम सार्ट लिस्ट कराया गया वह अभ्यर्थी कई बार छेडखानी के आरोप में यूनिवर्सिटी और कालेज से हटाए गए जब उनको जांच के बाद दोषी पाया गया। महत्वपूर्ण है कि इस संविदा वाले खिलाड़ी गुरू की नियुक्ति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के खिलाड़ी गुरू के रूप में बीएचयू के सपोर्ट्स बोर्ड के सेक्रेटरी के एक्सपर्ट रूप में गठित कमेटी की ओर से किया गया था। गत दिनों बीएचयू स्पोर्ट्स बोर्ड के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया में ऐसे अभ्यर्थी के नाम को सार्ट लिस्ट करने को लेकर बीएचयू में तूफान खड़ा हो गया है। इसके लिए विरोध भी शुरू हो गया है।

वीसी तक पहुंची शिकायत

इसका अंदाजा वीसी प्रो.राकेश भटनागर के टेबल पर विरोध स्वरूप भेजे गए शिकायती पत्रों से लगाया जा सकता है। स्पोर्ट्स बोर्ड की शार्ट लिस्टिंग कमेटी पर कार्यवाई की मांग करने वाले बताते हैं कि शार्ट लिस्ट में आए अभ्यर्थियों में चरित्रहीन अभ्यर्थी को साक्षात्कार में बैठाने को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

आरोपी गुरूजी बीएचयू स्पोर्ट्स बोर्ड में हैं काबिज 

बीएचयू में विगत कई वर्षों से शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में पक्षपात पूर्ण कार्रवाई चल रही है। बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक और बीएचयू स्पोर्ट्स बोर्ड के सेक्रेटरी प्रो.बीसी कापड़ी अन्य विश्वविद्यालयों में चयन समिति में विवादित नियुक्तियों के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शारीरिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता पद नियुक्ति में पक्षपात करते पाए जा चुके हैं। विशेषज्ञ परीक्षक के पद पर आकर विज्ञापन संख्या 2014 विद्यापीठ कोर फेकेल्टी उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय परिनियम तक को अनदेखा करके अपने चहेतों की इंटरव्यू लिया और चयनित किया था। जिसमें समान्य पद एक कोर फेकेल्टी के पद पर अपने करीबी को रखवाया था। जिसे बाद में एक छात्रा के छेड़खानी के दोषारोपण किया गया। इसकी जांच में दोषी मिलने पर आरोपी को महात्मा गांधी काशी विद्यापीट के प्रशासन की ओर से कार्रवाई करते हुए निष्कासित कर दिया गया था। अब इस निष्कासित अभ्यर्थी को बीएचयू में चल रहे इंटरव्यू में अवसर देने के लिए चोरी चुपके सार्ट निस्ट करके इंटरव्यू करा दिया गया। रविवार को एक्जी क्यूटिव कौंसिल की मीटिंग में इस बात को लेकर खूब चर्चा रही।  








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