सोनी सब लेकर आ रहा है नया शो, ‘काटेलाल एंड संस’, दो बहनों के ऊंचे सपनों की कहानी

 


डॉ. दिलीप सिंह

इंदौर। अक्सर कहा जाता है कि अगर आप कोई सपना देख सकते हैं, तो उसे सच भी कर सकते हैं। सपने और आकांक्षाएं हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभारते हैं, लेकिन सफलता और विफलता के बीच का मुख्य अंतर अक्सर प्रयासों से निर्धारित किया जाता है। सपनों पर कोई नियंत्रण नहीं है, उनकी कोई सीमा नहीं है। तो फिर हम क्यों अक्सर सपनों को व्यक्ति के जेंडर से परिभाषित करते हैं?

इसी बात के आधार पर और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित होकर सोनी सब 16 नवंबर, 2020 से रोहतक की दो बहनों की दिल को छू लेने वाली कहानी ‘काटेलाल एंड संस’ लेकर आ रहा है। इस शो में अनुभवी एक्टर अशोक लोखंडे और मेघा चक्रवर्ती तथा जिया शंकर की जिंदादिल जोड़ी है।

‘काटेलाल एंड संस’ सकारात्मक और प्रगतिशील कहानियों को प्रोड्यूस करने और लोगों के दिलों को छूने वाले दमदार कंटेन्ट से दर्शकों को प्रेरित करने की सोनी सब की फिलोसफी का सच्चा प्रमाण है। ‘काटेलाल एंड संस’ दो बहनों गरिमा (मेघा चक्रवती) और सुशीला (जिया शंकर) की प्रेरक यात्रा है, जिनका मानना है कि ‘सपने जेंडर के आधार पर नहीं आते हैं’। जैसे-जैसे शो आगे बढ़ता है, दर्शकों को इसका गहरा ज्ञान होने लगता है कि इस बात का असली मतलब क्या है, लेकिन आइये, इस बारे में मेघा और सुशीला से ही जानें। 

इस शो के कॉन्सेसप्ट के बारे में अपने विचार रखते हुए मेघा चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘इस शो का कॉन्से्प्ट एक खूबसूरत विचार पर बुना गया है कि सपने जेंडर के आधार पर नहीं आते हैं। ‘काटेलाल एंड संस’ एक हल्की-फुल्की कहानी है, जिसमें व्यंग्य है और जो आपके भीतर मौजूद सपने देखने वाले व्यक्ति को प्रेरित करती है। हरियाणा के एक छोटे-से कस्बे से आने वाली गरिमा और सुशीला एक सवाल खड़ा करेंगी कि क्या जीवन में हमारे लक्ष्यों और सपनों पर जेंडर का प्रतिबंध होना चाहिये? उदाहरण के लिये, एक महिला बहुत अच्छी बार्बर बन सकती है, जबकि एक पुरूष शेफ की टोपी पहनकर पूरे परिवार के लिये स्वादिष्ट भोजन बना सकता है। 

यह शो इसी विचार को प्रेरित करता है कि हम पुरानी धारणाओं से आगे सोचें। खुद मेरे लिये भी यह शो कई मायनों में आँखें खोलने वाला रहा है और गरिमा का किरदार निभाकर उसका जीवन जीते हुए मैं बहुत खुश हूँ। अगर कोई व्यक्ति ‘काटेलाल एंड संस’ देखकर अपने सपनों का पीछा करने का साहस जुटाता है, तो मेरे लिये बहुत बड़ी बात होगी। जैसा कि कहा जाता है, हम अपना अतीत नहीं बदल सकते, या भविष्य का अनुमान नहीं लगा सकते। लेकिन अपने वर्तमान को आकार दे सकते हैं।’’

जिया शंकर ने कहा, ‘‘इस शो में निहित संदेश बहुत खूबसूरत है, जैसा कि मेरे किरदार सुशीला का कहना है ‘सपनों का कोई जेंडर नहीं होता’। इस भूमिका के साथ मैं पूरी तरह से अपने कम्फर्ट जोन से बाहर आई हूँ और सुशीला की जो बात मुझे पसंद है, वो यह है कि वह साहसी है और समाज की धारणाओं को चुनौती देती है। वह ऐसी लड़की नहीं है, जिसे रूढ़ियाँ रोक सकें। वह वेट लिफ्टिंग करती है और बॉक्सिंग की ट्रेनिंग लेती है। सुशीला की तरह हमारी महिलाओं को प्रेरित करने का अवसर ऐसी चीज है, जिसे मैं अपना सौ प्रतिशत देना चाहती हूँ। इस शो का कॉन्सेहप्ट ऐसा है, जिस पर मैं सचमुच यकीन करती हूँ- सपनों को जेंडर से इतर रखना। सपनों का कोई जेंडर नहीं होता है और शो इस यकीन को साकार करेगा।’’

इस शो का हाल ही में रिलीज प्रोमो दर्शकों के लिये एक सौगात का वादा करता है। एक कहानी, जो दर्शकों को प्रभावित करने और ऐसे किरदार, जो उन्हेंय प्रेरित करने में नाकामयाब नहीं होंगे।




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