साठ वर्ष पुराना पुल हुआ धरासाई, बड़े वाहन बाधित, छोटे वाहनों को जाने की अनुमति

इंजीनियरों को पुल तोड़ने में छोटे वाहन डाल रहे अड़चन




जनसंदेश न्यूज 
कठवामोड़/गाजीपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बेसों नदी के ऊपर लगभग 60 साल पहले बने पुल तोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। प्रशासन ने बड़े वाहनों को रोक कर अन्य छोटे वाहन सवार को दूसरे रास्ते हैसी गांव की रास्ते से भेजा जा रहा है। जिससे पुल तोड़ने में काफी खतरा उत्पन्न हो गया है।


कठवामोड़ स्थित बेसों नदी पर बने पुल की जर्जर हालत को देखते हुए उसे तोड़ कर फोरलेन की नई पुल बनाये जाने का रूपरेखा तैयार किया गया। कंपनी के अधिकारियों ने एक सप्ताह पहले मार्ग को बन्द कर तोड़ने की प्रकिया चालू कर दिया है। सेफ्टी के रूप में पुल तोड़ने से पहले पुल को मजबूत करने के लिए विटी कालम लगाया गया है। शनिवार से ब्रेकर मशीन से पुल को तोड़ने का काम शुरूहो गया। 


यात्रियों की सुविधा के लिए डायवर्जन के रूप में एक बाई पास बनाया गया था। जिससे पुल पर हल्के वाहन और डायवर्जन रुट पर बड़े वाहनों का आना जाना था। बड़े वाहनों को पूरी तरह से प्रशासन द्वारा रोक कर दूसरे रास्ते हैसी गांव से होते हुए भेजा जा रहा है,  पुल तोड़ने में काफी खतरा उत्पन्न हो गया है। 


मित्तल ब्रदर्स इंजीनियर्स एण्ड कांट्रेक्टर के अवर अभियंता विजय मित्तल ने बताया कि इधर का आवागमन पूरी तरह से बन्द कर देना चाहिए। जो मशीन पुल तोड़ रही है उसके पत्थर तोड़ने से कहीं भी इधर उधर दूर तक भी जा सकते है। जिसकी रिपोर्ट प्रशासन को दे दी गई है। 


बता दें कि, इस पुल से कासिमाबाद, रसड़ा, देवरिया, सलेमपुर, पटना, बक्सर, माझी घाट आदि जगहों पर बड़े वाहन चलते थे। इस पुल के बंद हो जाने से काफी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, 6 माह पूर्व 22 फरवरी को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और विधायक अलका राय ने फोरलेन के लिए नए पुल बनाने के लिए शिलान्यास किया था। जिसके बाद कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया है।  



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