महात्‍मा गांधी के नशामुक्त भारत के संकल्प को पूरा करना युवाओं की जिम्मेदारी

काशियाना फाउण्डेशन के तत्वाधान में नशामुक्ति संगोष्ठी का हुआ आयोजन



जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। काशियाना फॉउंडेशन व डिस्क वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में गुरूवार को गांधी जयंती के पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय का आयोजन हुआ। नशामुक्त भारत (गांधी जी के विचार) विषय पर आयोजित यह गोष्ठी कमच्छा स्थित देवा सेंटर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात गांधी जी के चित्र को पुष्पांजलि कर व गांधी जी के सबसे प्रिय भजन वैष्णवजन के साथ प्रार्थना के साथ हुआ। इस मौके पर एक मिनट का मौन व्रत रख कर हाथरस की बिटिया मनीषा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


कार्यक्रम के दौरान ’सुमित सिंह ने कहा कि आज गांधी जयंती के पूर्व संध्या पर उन्हें भारत को नशामुक्त समाज बनाकर एक सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जाये। हमारा संकल्प है कि जब भारत अपने आजादी का शताब्दी वर्ष 2047 में जब मनाएं तब हम युवा भारत को इन नशेड़ियों से भारत को आजाद कर सकें।



वहीं डॉ तुलसीदास ने कहा कि आज इस कार्यक्रम से सिर्फ हम गांधी जी को याद ही नही बल्कि उनके सपनों को पूर्ण भी करेंगे। आज जब सुमित जैसे युवा इस विषय पर चर्चा करतें है तो अनुभूति होती है कि यह देश सच में गांधी जी है। व निरंतर डिस्क वाराणसी ऐसे आयोजन करने के लिए सदैव तत्पर्य है।


डॉ उत्तम ने कहा कि गांधी जी  को एक सच्ची श्रद्धांजलि तब भी दी जा सकती है जब देश को हम नशामुक्त बनायेंगे। व गांधी एक व्यक्ति नही अपितु एक विचारधारा है जो आज कई सौ करोड़ लोग अनुशरण कर रहें।


डॉ सुनील मिश्र ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनने में नशा बाधक है। व गांधी जी ने जो भारत को विश्वगुरु बनाने का स्वप्न देखा है वो तभी पूरा होगा जब देश को नशामुक्त करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी का भी यही स्वप्न है कि अब युवाओं को नशे से दूर होना होगा। उन्होंने 2015 के अपने मन की बात में भी इस विषय को पूर जोर तरीके से कहा था।


कार्यक्रम का धन्यवाद काशियाना फॉउंडेशन के उपाध्यक्ष भावेश सेठ ने दिया। इस दौरान  धन्नजय यादव, देवेश सिंह, सगुन रघुवंशी जी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। 



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