एफआईआर लिखने के लिए दारोगा ने पीड़ित से मांगे 20 हजार, आत्महत्या की दी चेतावनी



जनसंदेश न्यूज़
मेजा/प्रयागराज। शासन स्तर पर लाख कवायदों के बाद भी पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार रूकने का नाम नहीं ले रहा है। आलम यह है कि हर रोज पुलिस की कारस्तानियों के चर्चें सुनने को मिल रहे है। ताजा मामला खीरी पुलिस थाने का है। जहां मारपीट के मामले में एक पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति थाने में पांच बार शिकायती पत्र भी दे चुका है, लेकिन आज तक उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि थाने के दारोगा संतोष सिंह एफआईआर लिखने के लिए 20 हजार रुपये की मांग रख रहे है। पीड़ित ने चेताया कि अगर उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगा।



सूचना के मुताबिक बीते 21 अगस्त को दो पक्षों में भूमि विवाद को लेकर मारपीट हो गई। जिसके बाद पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा तो खीरी थाने पर तैनात दारोगा संतोष सिंह द्वारा उनसे एफआईआर दर्ज करने के लिए 20 हजार रुपये की डिमांड की गई। जिसे देने में पीड़ित ने असमर्थता जताई तो पुलिस ने उसका एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। पीड़ित न्याय के लिए पांच बार से अधिक शिकायती पत्र दे चुका है और तो और एसएसपी प्रयागराज से भी इसकी शिकायत कर चुका है, लेकिन आज तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित विजय बहादुर पटेल ने कहा कि न्याय के थाने का चक्कर लगाते-लगाते वह थक चुका है, अगर उसकी सुनवाई नहीं होती है तो वह आत्महत्या कर लेगा।  


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