महिलाओं पर अत्याचार होने का मुख्य कारण आर्थिक वह अज्ञानता का होना : जिला अधिकारी




  सतेंद्र सिंह

बिजनेस महिलाओं पर हो रहे शोषण और अत्याचार के दो मुख्य कारण हैं, जिनमें प्रथम अज्ञानता और दूसरा उनका आर्थिक रूप से अस्वाबलम्बी होना,इन कारणों को लक्ष्य बना कर योजनाबद्व रूप से कार्य किया जाए तो महिला सशक्तिकरण एवं महिला सम्मान का सपना साकार-जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय
महिलायें सरकार द्वारा संचालित योजनाओं बेटी बचाओं-बेटी पढाओं, भ्रूण हत्या जैसे कार्यक्रमों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे ताकि समाज से इन अपराधों को पूर्णतयः खत्म किया जा सके, महिला समूहों को एनआरएलएम में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर वधाई-सीनियर आईपीएस अधिकारी श्रीमती श्रीपर्णा गांगुलीजिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार महिला समूहों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाऐ चला रही है, जिसके तहत समूहों की महिलाओं की आय के साथ-साथ उनका सम्मान भी बढाया जा रहा है। उन्होने कहा कि जनपद बिजनौर एनआरएलएम में प्रदेश में प्रथम स्थान बनाये हुऐ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर हो रहे शोषण और अत्याचार के दो मुख्य कारण हैं, जिनमें प्रथम अज्ञानता और दूसरा उनका आर्थिक रूप से अस्वाबलम्बी होना। उन्होंने कहा कि यदि इन कारणों को लक्ष्य बना कर योजनाबद्व रूप से कार्य किया जाए तो महिला सशक्तिकरण एवं महिला सम्मान का सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समूहों की महिलाओं को अपने विकास के लिए समय समय पर पुस्तकों और इन्टरनेट का सहारा भी लेना चाहिए, ताकि वे अपने हुनर को ओर बेहतर कर सके।
जिलाधिकारी श्री पाण्डेय आज दोपहर 12ः00 बजे विकास भवन के सभा कक्ष में लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा तथा दहेज कानून के अन्तर्गत महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा से बचाव, सहायता, पुर्नवास तथा हिंसा करने हेतु दण्ड के प्रावधान से संबंधित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की गोष्ठी के अवसर पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शासन द्वारा नियुक्त नारी शक्ति कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए नियुक्त सीनियर आईपीएस अधिकारी श्रीमती श्रीपर्णा गांगुली ने कहा कि महिलाओं को समूह बनाकर अपने कार्यो को पूरी निष्ठा के साथ करना होगा ताकि वे अपनी पहचान को समाज के सामने मजबूती से ला सके। उन्होने कहा कि एनआरएलएम के अन्तर्गत महिला समूहों को विभिन्न योजनाओं के साथ जोडा जा रहा है, जिसके तहत वे अपनी आजीवीका को बढा सकती है। उन्होने कहा कि महिलाओं को अपने कार्याे के अलावा सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं बेटी बचाओं-बेटी पढाओं, भ्रूण हत्या जैसे कार्यक्रमों में भी अपना योगदान देना चाहिए ताकि समाज से इन अपराधों को पूर्णतयः खत्म किया जा सके। उन्होने जनपद के महिला समूहों को एनआरएलएम में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर वधाई देते हुए कहा कि जनपद बिजनौर की महिलाऐ घरेलू काम के साथ-साथ सामाजिक कार्यो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने उपस्थित नारी शक्ति का आहवान किया कि नारी के प्रति सामाजिक व्यवहार परिवर्तन के लिए अपने घर से इसकी शुरूआत करें और पुरूष सदस्यों को अपने घर की मां, बहन, बेटी की ही तरह अन्य महिलाओं के सम्मान और आदर के लिए पे्ररित करें।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन कर रही डाॅ राखी अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक आत्मनिर्भर नारी सर्व हितकारी का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर लक्ष्मी निवास, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार यादव, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी के0एम0 सिंह, सदस्य बाल कल्याण समिति कोकब अख्तर सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं महिला समूहों की महिलाऐ उपस्थित रहे।



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