सड़क बनी नहीं विभाग ने ठेकेदार को कर दिया भुगतान, सीडीओ की जांच के बाद खुली भ्रष्टाचार की पोल

 पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने डीएम से की शिकायत



अजय सिंह उर्फ राजू

गाजीपुर। पीडब्ल्यूडी विभाग में योगी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की जड़े किस तरह फैली है इसका खुलासा सीडीओ की जांच में हुआ। विभाग दो वर्ष पहले के पैसे का उपयोग वर्तमान समय में सड़क निर्माण कार्य में कर रहा था। वहीं सड़क निर्माण में बड़ी अनियमितता मिली थी। जिसकी रिपोर्ट सीडीओ ने तत्कालीन जिलाधिकारी को सौंप दिया था। लेकिन लापरवाह संबंधित विभागीय अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर प्रयासरत पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह जिलाधिकारी एमपी सिंह से मिलकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग किया है।  

लोक निर्माण विभाग द्वारा व्यापार विकास निधि के तहत सड़क निर्माण के लिए सरकार से आंवटित धनराशि में करोड़ों का घोटाला किया गया है। वहीं जहां इस निधि के तहत कार्य हुआ वहां कार्य में बड़ी मानक की अनदेखी की गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने गुरूवार को जिलाधिकारी एमपी सिहं को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि व्यापार विकास विकास निधि से निर्मित कठवांमोड़ नोनहरा, भागलपुर, एवं मऊ-यूसुफपुर मार्ग से पावर हाउस होते हुए कमालपुर संपर्क मार्ग में व्यापक स्तर पर की गई अनियमितता की जांच सीडीओ द्वारा जांच के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं किया गया। 

बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कठवामोड़ से नोनहरा, भागलपुर गांव तक लंबाई 1.60 किमी में आवंटित धनराशि 85 लाख तथा यूसुफपुर मार्ग से पॉवर हाउस होते हुए कमालपुर मार्ग लंबाई एक किमी आवंटित धनराशि 51.85 लाख विभाग को मिली थी। उक्त मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग खंड-3 द्वारा एक सप्ताह के पूर्व कराया गया है। जबकि धन आवंटित दो वित्तीय वर्ष पूर्व में ही किया जा चुका था। सड़क निर्माण में पूर्ण रूप से मानक की अनदेखी की गई है। निर्माण में न ही गिट्टी का प्रयोग और न ही मिट्टी का बल्कि मिट्टी के कार्य पर आवश्यक रूप से धन व्यय किया गया। 

भुगतान की गई धनराशि के विपरीत मिट्टी की मात्रा का प्रयोग भी नहीं किया गया। निर्माण कार्य में भस्मों एवं बजरी का भी प्रयोग मानक के अनुरूप नहीं है। अनुराग सिंह ने बताया कि तत्कालीन डीएम से  शिकायत के बाद सीडीओ ने  2 सितंबर को इन सड़को की जांच की थी। जिसमें पाया कि सड़क निर्माण में मानक की अनदेखी की गई है। वहीं दो साल पूर्व मिले धनराशि का बिना कार्य किए ही पैसा उतार लिया गया था। पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने डीएम से मांग किया कि  सड़क निर्माण को लेकर  आवंटित धनराशि और उसके विपरीत किए गए टेंडर को दो साल किन कारणो से लंबित रखा गया। इसकी जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।   





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