बनारस में इस तरह मनाया जायेगाा दुर्गापूजा और दशहरा, जिलाधिकारी ने गाइड लाइन किये जारी

सड़कों और चौराहों पर नहीं लगेंगे पूजा दुर्गापूजा पंडाल

डीएम व एसएसपी ने दुर्गापूजा व रामलीला समितियों को दिये निर्देश

- दुर्गा की 5×5 फीट की प्रतिमाओं की स्थापना की ही परमिशन

- प्रत्येक दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में जा सकेंगे सिर्फ दस लोग

- डीरेका व रामनगर में इस बार नहीं होगा रावण का पुलता दहन

- जनपद में कहीं नहीं होगी भरत मिलाप और नक्कटैया की लीला



सुरोजीत चैटर्जी

वाराणसी। नवरात्र में इस बार जनपद में सड़कों और चौराहों पर दुर्गापूजा पंडाल लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। निर्धारित अकार के पंडालों एक निश्चित साइज की दुर्गा प्रतिमाएं ही स्थापित होंगी। पूजा पंडालों और रामलीलाओं के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। जिले में नक्कटैया और भरत मिलाप के आयोजन रद कर दिये गये हैं। विजयादशमी के दिन डीजल रेल कारखाना और रामनगर में रावण का पुतला दहन नहीं होगा, वहां सिर्फ रामायण पाठ किया जाएगा।

डीएम कैंप कार्यालय सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने जनपद की की दुर्गापूजा समितियों और रामलीला समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्देश दिये। उन्होंने कोविड-19 की स्थिति देखते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्गापूजा आयोजित करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सड़कों और चौराहों पर कोई पंडाल नहीं लगेगा। मार्ग से हटकर शासन से निर्धारित आकार के पंडाल लगा सकते हैं।

श्री शर्मा ने बताया कि सरकार ने कोरोना महामारी से सुरक्षित रहते हुए सीमित ढंग से त्योहार मनाने की अनुमति दी है। जिसके तहत 15×15 फीट के तीन चांदनी लगाने की परमिशन रहेगी। दुर्गापूजा पंडालों और रामलीलाओं में खुली जगह, परिसर या बंद स्थान पर निर्धारित संख्या में ही लोग एकत्र हो सकेंगे। प्रतिमा का आकार पांच फीट ऊंची और पांच फीट तक ही चौड़ी रखने की अनुमति है। पंडाल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग होनी चाहिए। पंडाल चारों ओर से खुला न हो। इंट्री गेट पर स्कैनर से जांच कर लोगों को प्रवेश की परमिशन देनी होगी। पंडाल में किसी भी बीमार व्यक्ति को इंट्री न दी जाय।



जिलाधिकारी ने बताया कि समितियों को पंडाल में भीड़ नियंत्रित करने के लिए अपने स्वयंसेवकों को उनके नेमप्लेट के साथ तैनात करना होगा। पंडाल में लाउडस्पीकर पर भजन व संगीत के अलावा कोरोना से बचाव के उपायों का प्रसारण भी किया जाएगा। सार्वजनिक रूप से भोज आदि के आयोजनों पर रोक लगायी गयी है। प्रसाद का वितरण पैकेट में करना होगा। कुमारी पूजन के अंतर्गत होने वाले कन्या भोज में नौ से अधिक लोगों को भोजन न कराएं।

उन्होंने सभी पूजा समितियों के पदाधिकारियों से कहा कि मूर्ति या कलश स्थापना का स्थान, स्थल की क्षमता और विसर्जन की तिथि आदि की सूचना हर हाल में गुरुवार तक संबंधित थाने पर दे दी जा य। ताकि थाने से प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम तय करना संभव हो। प्रतिमा विसर्जन के लिए सिर्फ एक छोटी गाड़ी टाटा मैजिक की परमिशन रहेगी। उसी वाहन पर विसर्जन के लिए प्रतिमा ले जानी होगी। गाड़ी पर बड़ा डीजे नहीं लगा सकेंगे। प्रतिमा विसर्जन में अधिकतम दस लोग ही जा सकेंगे। उस दौरान अबीर-गुलाल उड़ाना और नाच-गाना प्रतिबंधित रहेगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि विसर्जन के लिए जाने का मार्ग और विसर्जन के बाद वापसी का मार्ग अलग-अलग तय होगा। उन्होंने कहा कि शासन के दिशा निर्देशें के अनुपालन में ऐसे बड़े आयोजनों को निरस्त कर दिया गया है जिसमें भीड़ होने की संभावना हो।

यह निर्देश भी दिये

- रामलीला समितियां अपने-अपने वालंटियर लगाकर भीड़ नियंत्रण के तहत सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क आदि का पालन कराएंगे।

- सभी रामलीला समितियां स्थान, स्थल की क्षमता व स्वयंसेवकों की सूची आदि अपनी कार्ययोजना लिखकर उपलब्ध कराएंगे।

- नगर निगम और पंचायत विभाग के माध्यम से साफ-सफाई, बिजली आपूर्ति आदि आवश्यक व्यवस्था जिला प्रशासन कराएगा।



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