लगातार दूसरे दिन भी अनुप्रिया पटेल का ‘लेटर’ हमला, शिलान्यास कार्यक्रम में जनप्रनिधियों को सूचना ना देने का आरोप



संजय दुबे

मीरजापुर। भारतीय जनता पार्टी और अपना दल (एस) के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। मीरजापुर सांसद और अद (एस) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने लगातार दूसरे दिन लेटर बम फोड़ते हुए जिला प्रशासन पर निशाना साधा है और उनसे जवाब-तलब किया है। दरअसल अनुप्रिया पटेल के निशाने पर जिला प्रशासन जरूर है, लेकिन उनका इशारा केन्द्र और राज्य सरकार ही है। 

दरअसल सांसद अनुप्रिया पटेल ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि रविवार को जनपद के गोठौरा गांव में 2127 करोड़ के शासन की अतिमहत्वकांक्षी योजना हर ‘घर नल-हर घर जल’ के तहत जल शक्ति मिशन के शिलान्यास का कार्यक्रम आयोजन हुआ। जिसमें जनपद से किसी भी जन प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया।

यहां तक किसी भी जन प्रतिनिधि को इसकी सूचना नहीं दी गई। जबकि यह बुंदेलखंड के जनपद में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किये गये शिलान्यास कार्यक्रम में क्षेत्र के समस्त जनप्रतिनिधि को शामिल किया गया था। वहीं जनपद में यह शिलान्यास मुख्यमंत्री या जल शक्ति मंत्री के हाथों होना सुनिश्चित था। इसके बावजूद यह कार्यक्रम किसके आदेशों पर आयोजित किया गया। 



उन्होंने जिलाधिकारी के कई बिंदुओं पर सवाल भी पूछा। जिसमें कार्यक्रम के लिए शासन की अनुमति ली गई थी या नहीं?, अगर अनुमति ली गई थी जो जनपद के जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? इसके साथ ही यह भी पूछा कि यह यह कार्यक्रम गैर सरकारी था तो इसके शिलापट्ट में राज्य स्वच्छता एवं पेयजल मिशन का नाम प्रयोग क्यों किया गया? तथा क्या इसके बाद एक बार फिर शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा? सांसद इन सवालों का जवाब मंगलवार को शाम 7 बजे तक मांगा है। अगर उक्त समय पर जवाब नहीं दिया गया तो इसे शासन की अवहेलना मानते हुए सीएम से आपके विरूध्द वैधानिक कार्रवाई का अनुरोध किये जाने की भी चेतावनी दी।  

हालांकि जिलाधिकारी ने इस पत्र का जवाब देते हुए कहा कि यह एक महत्वकांक्षी योजना है, जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री जी के हाथों सुनिश्चित है। शासन से अभी तक इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही इसकी जानकारी मिलेगी, वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर इसका शिलान्यास किया जायेगा। 

आपको बता दें कि रविवार को ही अनुप्रिया पटेल ने पत्र लिखकर किसानों के मुआवजे को लेकर गंभीर सवाल उठाये थे। जिस पर प्रशासन स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि किसानों की लंबी सूची होने के कारण उसे कंपाइल किया जा रहा है और जल्द ही सारी प्रक्रियाओं को पूरा कर शासन स्तर पर भेजा जायेगा।    




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