बेकसूर पत्रकारो को इंसाफ मिलने तक लड़ाई लड़ेगी पत्रकार संघर्ष समिति

 


 सतेंद्र सिंह

 

बिजनौर / बेकसूर पत्रकारो को झूठे मामले में फसाये जाने पर पत्रकार संघर्ष समिति ने इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया है,इस आशय का निर्णय वरिष्ठ पत्रकार वीरेशबल की अध्यक्षता व वसीम अख्तर के संचालन में सम्पन्न बैठक में लिया गया ,बैठक में खबरो को छिपाने की बजाय छापने की प्रवृत्ति अपनाने पर बल दिया गया

    पत्रकार संघर्ष समिति की एक बैठक का आयोजन ऐजाज अली हाल के लायब्रेरी कक्ष में किया गया, जिसमे हाल ही में पत्रकार समीउल्लाह ,आसिफ अंसारी व मुशब्बर हुसैन के प्रकरण पर विचार किया गया , पीड़ित पत्रकारो ने साथियो को आपबीती सुनाई कि किस तरह बेकसूर होते हुए भी पुलिस के अफसरो ने साजिशन आपराधिक मामले में फसाया,जबकि उनका दूर दूर तक नागरिकता संशोधन विधेयक आंदोलन से रिश्ता भी नहीं था,अपितु घटना के दिन वह मौके पर दूर शहर तक में नहीं थे , कानून की संगीन धाराओ का खेल की तरह खेलकर तीन पत्रकारो को जिस तरह फंसाया गया उसकी पत्रकार संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निंदा की और पुलिस अधीक्षक से मांग की गयी कि पत्रकारो को झूठे मामले में षड़यंत्र रचकर फ़सानेवाले अधिकारियो को बेनकाब किया जाये , सर्वसम्मति से पत्रकारो को झूठे मामले में फसांये जाने के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाये ,प्रकरण में शामिल अधिकारियो के विरुद्ध भी दरोगा नरेश पाल सिंह की तरह निलंबन की कार्रवाई की जाये

   पत्रकार संघर्ष समिति की बैठक में प्रमुख रूप से ज्योति लाल शर्मा, कपिल थापन , डा पंकज भारद्वाज , मंजेश ठाकुर , समीउल्लाह , अनुज ठाकुर , मुशब्बर हुसैन झालू,  फहीम शेख , आसिफ अंसारी , मुशब्बर हुसैन, विनीत चौधरी साजन , दीपक कुमार , तुषार वर्मा, सतेन्द्र चौधरी , युगदीप चौधरी , लवलेश कुमार , डा जमील खान , नीरज कुमार , जुबैर खान ,इमरान अंसारी, खुशनूद खान , मुनव्वर सोनू ने  विचार व्यक्त किये  पत्रकारो को झूठे मामले में फसाये जाने पर पत्रकार संघर्ष समिति ने इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया है,इस आशय का निर्णय वरिष्ठ पत्रकार वीरेशबल की अध्यक्षता व वसीम अख्तर के संचालन में सम्पन्न बैठक में लिया गया ,बैठक में खबरो को छिपाने की बजाय छापने की प्रवृत्ति अपनाने पर बल दिया गया

    पत्रकार संघर्ष समिति की एक बैठक का आयोजन ऐजाज अली हाल के लायब्रेरी कक्ष में किया गया, जिसमे हाल ही में पत्रकार समीउल्लाह ,आसिफ अंसारी व मुशब्बर हुसैन के प्रकरण पर विचार किया गया , पीड़ित पत्रकारो ने साथियो को आपबीती सुनाई कि किस तरह बेकसूर होते हुए भी पुलिस के अफसरो ने साजिशन आपराधिक मामले में फसाया,जबकि उनका दूर दूर तक नागरिकता संशोधन विधेयक आंदोलन से रिश्ता भी नहीं था,अपितु घटना के दिन वह मौके पर दूर शहर तक में नहीं थे , कानून की संगीन धाराओ का खेल की तरह खेलकर तीन पत्रकारो को जिस तरह फंसाया गया उसकी पत्रकार संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निंदा की और पुलिस अधीक्षक से मांग की गयी कि पत्रकारो को झूठे मामले में षड़यंत्र रचकर फ़साने वाले अधिकारियो को बेनकाब किया जाये , सर्वसम्मति से पत्रकारो को झूठे मामले में फसांये जाने के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई की जाये ,प्रकरण में शामिल अधिकारियो के विरुद्ध भी दरोगा नरेश पाल सिंह की तरह निलंबन की कार्रवाई की जाये 

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