सीआरपीएफ जवान की स्विफ्ट डिजायर से 64 किलो गांजे के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, पति की मौत के बाद से ही


64 किलो गांजे के साथ महिला तस्कर सहित चार चढ़े हत्थे

सीआरपीएफ जवान की गाड़ी को भाड़े पर लेकर करते थे तस्करी

14 साल पहले पति की मौत के बाद से ही तस्करी में सक्रिय है महिला

बरामद गांजे की कीमत 13 लाख रुपये



वैभव मिश्र

चकिया/चंदौली। कोतवाली पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों व तस्करों में खौफ बना हुआ। गुरूवार को कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक महिला तस्कर सहित चार गांजा तस्करों को 64 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया। सीआरपीएफ जवान की स्विफ्ट डिजायर कार से बरामद हुये गांजे की कीमत 13 लाख बताई जा रही है। गिरफ्तार महिला के अनुसार इस काम वह पिछले 14 सालों से लगी हुई है। अन्य अभियुक्तों में तीन इसी के परिवार से ताल्लुक रखते है। 

प्रेसवार्ता के दौरान एडिशन एसपी आपरेशन अनिल कुमार ने बताया कि सीओ जगतराम कन्नौजिया को गुरूवार की सुबह मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि बिहार से भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर तस्कर आ रहे है। जिसके बाद उन्होंने चकिया कोतवाल रहमतुल्लाह खान व इलिया थाना प्रभारी मिथिलेश तिवारी को इसकी जानकारी देते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। प्राप्त निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों थानों की पुलिस ने छित्तमपुर के उसरी नहर पुलिया के पास स्विफ्ट डिजायर कार की घेराबंदी कर ली। जिसे रोककर तलाशी ली गई तो उसमें से 64 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस बरामद माल को पकड़ कर थाने लेकर आई। 



पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना नाम मंशा देवी, जय सिंह चौहान, गोपाल चौहान निवासी देवराज, बहिरायाबाद व चालक सुरेन्द्र कुमार निवासी हरमुजपुर हाल्ट, बहरियाबाद, गाजीपुर बताया। महिला तस्कर ने बताया कि वह 2006 में पति की मृत्य के बाद से ही बीते 14 सालों से इस तस्करी के कार्य में लिप्त है। वह गांजे को मझगांव झुमरदेव भभुआ से लेकर आती थी। यह भी बताया कि गिरफ्तार जय सिंह उसका बेटा और गोपाल भतीजा है। पूछताछ में यह भी पता चला कि जिस कार्य से तस्करी किया जा रहा था वह एक सीआरपीएफ जवान की गाड़ी है। जिसे चालक सुरेन्द्र कुमार भाड़े पर लेकर आया था।  

 



अपराधियों के लिए खौफ बने हैं चकिया कोतवाल

चकिया में ड्यूटी ज्वांइन करने के बाद से ही कोतवाल रहमतुल्लाह खान अपराधियों के लिए खौफ बने हुये है। इन्होंने छह महीनों के भीतर ही कई बड़े हिस्ट्रीशीटरों व अपराधियों पर ना सिर्फ शिकंजा कसा बल्कि बड़ी मात्रा में हो रहे अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर भी रोक लगाई। बीते 19 जून को भीषमपुर जंगल में मुठभेड़ के दौरान पशु तस्कर उमेश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। इसके बाद 13 जुलाई को बनरसिया में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध दारू निर्माण का भी भंडाफोड़ किया। इसके बाद 17 अगस्त को बेलावर पहाड़ी पर मुठभेड़ में आसिफ तथा 22 अगस्त को समीर उर्फ सुल्तान को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया। बुधवार को भी पशु तस्कर के साथ हुए मुठभेड़ में इन्होंने हिस्ट्रीशीटर मुकदस को दबोच लिया।



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