यूपी के इस जिले में पिकनिक मनाने गये पांच दोस्त झरने में डूबे, मचा कोहराम, 15 घंटे बाद मिला शव


जनसंदेश न्यूज़
प्रयागराज। रीवा में सोमवार की देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जहां झरने में नहाने गये पांच दोस्त डूब गये। घटना की जानकारी होते ही कोहराम मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई और परिजन मौके पर पहुंचे। लेकिन रात होने के कारण झरने से पांचों के शव को नहीं निकाला जा सका। सुबह होने पर गोताखोरों की टीम ने एक-एक कर पांचों शव निकाले। बच्चों का शव देख परिजन बेहाल हो गये। किसी तरह उनके साथ आये लोग उन्हें समझा-बुझाकर घर ले गये।


प्रयागराज निवासी मुकेश प्राइवेट नौकरी करते है। उनके तीन बेटों सबसे छोटा प्रज्जवल सोमवार को परिजनों से बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ पिकनिक पर जा रहा है, देर शाम को लौटेगा। प्रज्जवल अपने फुफेरे भाई यश और तीन-चार अन्य दोस्तों के साथ रीवा झरने पर घुमने गये था। जहां नहाने के दौरान प्रज्जवल व यश के साथ उनके तीन अन्य दोस्त झरने में डूब गये। यह देख उनके साथ आये अन्य दोस्त शोर मचाने लगे, लेकिन गहरे पानी में होने के कारण अन्य लोग भी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाये। 


इसी बीच शाम चार बजे प्रज्जवल के साथ अंकुर ने उसके पिता मुकेश को फोन कर बताया कि प्रज्जवल व अन्य साथी नहाते वक्त झरने में डूब गए हैं तो घरवाले परेशान हो उठे। एक घंटे बाद फिर बात हुई तो बताया कि बहुत ढूंढ़ने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चला। रात 8 बजे के करीब अंकुर अपने एक अन्य साथी संग शहर पहुंचा और पूरी घटना बताई। जिसके बाद वह उन दोनों व अपने कुछ रिश्तेदारों को लेकर चल दिए। 12 बजे के करीब वहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन रात होने के कारण कोई कार्रवाई करने में असमर्थता जता दी गई।


सुबह छह बजे के करीब पुलिस ने खोजबीन शुरू कराई जिसके एक घंटे बाद एक-एक करके पांच शव मिल गए। जिनमें से एक उनका बेटा प्रज्जवल था। बेटे की लाश देखते ही वह बदहवास से हो गए। अन्य परिजनों ने किसी तरह संभाला जिसके बाद सभी शव लेकर घरों के लिए रवाना हुए। इससे पहले सूचना मिलने पर झरने में डूबे अन्य युवकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए थे। 


Popular posts from this blog

'चिंटू जिया' पर लहालोट हुए पूर्वांचल के किसान

सेक्स पावर बढ़ाती है गोरखमुंडी, जानिए इसके सेवन का तरीका और फायदा

कुशवाहा कांतःअनुभूतियों में हमेशा जिंदा रहेंगे कालजयी साहित्य के अमर शिल्पी