विकास भवन पहुंचे जिलाधिकारी, 19 कर्मी मिले गायब, मांगा स्पष्टीकरण, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

अभिलेखों का रखरखाव व सफाई की कमी पर जताई नाराजगी




जनसंदेश न्यूज़
बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बुधवार को विकास भवन स्थित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल मिलाकर डेढ़ दर्जन कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने सभी गायब कर्मचारियों का स्पष्टीकरण संबंधित विभागाध्यक्ष के माध्यम से तलब किया है। साथ ही अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। 


सीडीओ विपिन कुमार जैन के साथ जिलाधिकारी सुबह 10 बजे ही विकास भवन पहुंच गए। वहां सबसे पहले वह डीपीआरओ ऑफिस में गए। वहां लेखाकार रामजी राम, वाहन चालक ज्ञानदास सिंह, एडीओ पंचायत दिग्विजय नाथ तिवारी, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक इसरार अहमद तथा सफाई कार्य के लिए तैनात दो सफाईकर्मी दिनेश दूबे व धीरेंद्र कुमार गायब मिले। हालांकि, रामजी राम व जुनैद अहमद निरीक्षण के दौरान ही पहुंच गए। कार्यालय में अभिलेखों का रखरखाव और साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं थी। इस पर डीपीआरओ को कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिन के अंदर सुधार लाने की चेतावनी दी। 



समाज कल्याण विभाग में गए तो वहां प्रधान सहायक अक्षय लाल, वरिष्ठ सहायक श्रवण कुमार, कनिष्ठ सहायक धर्मराज चौबे, पर्यवेक्षक विनोद यादव, अधीक्षक रमेश पाल, केदार प्रसाद, जयश्री सिंह यादव, सुभाष चंद्र सहित 8 कर्मी अनुपस्थित मिले। हालांकि बताया गया कि रोस्टर के हिसाब से इन कर्मचारियों के आने का दिन मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार है। इसी वजह से नहीं आए हैं। पशुपालन विभाग में वरिष्ठ सहायक कामेंद्र कुमार सिंह व लेखाकार रामाशंकर यादव अनुपस्थित थे। वहीं लघु सिंचाई विभाग में कनिष्ठ सहायक मधुलिका श्रीवास्तव व अनूप पांडे तथा पतरौल अरविंद मोर्य गायब मिले।दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग व अर्थ एवं संख्या कार्यालय में सभी मौजूद मिले।


जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अनुपस्थित कर्मियों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर आख्या सहित उपलब्ध कराएं। यह भी सुनिश्चित कराई जाए कि अधिकारी-कर्मचारी समय से कार्यालय में रहें। अभिलेखों के रखरखाव और साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जाए।


ऑनलाइन आवेदन की हार्ड कॉपी टेबल पर मिलने पर किया सवाल
समाज कल्याण विभाग में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यों से जुड़ी पूछताछ की। इस दौरान पाया कि परिवारिक लाभ योजना व वृद्धा पेंशन के ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी काफी संख्या में टेबल पर रखी गई है। इस पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने जिम्मेदारी लिपिक विकास पाठक के कारण पूछा। कहा कि पारिवारिक पेंशन का हो, वृद्धावस्था पेंशन हो या छात्रवृत्ति से संबंधित आवेदन हो, कार्यालय स्तर पर लंबित नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा मिला तो दोषी सीधे कार्रवाई होगी। कार्यालय में   साफ सफाई नहीं होने पर नाराजगी जताई।


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