मानसून सत्र पर कोरोना का साया, छोटा होगा सत्र, सांसदों के कोरोना पॉजिटिव आने से चिंता बढ़ी



नई दिल्ली। महामारी के बीच चल रहे संसद के पहले सत्र को छोटा किया जा सकता है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक सरकार 18 दिन के मानसून सत्र को कोरोना की चिंताओं की वजह से छोटा करने पर विचार कर रही है। सांसद और संसद के कर्मचारी लगातार पॉजिटिव निकल रहे हैं। इसलिए, प्रमुख नेताओं में इन्फेक्शन फैलने का डर है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रह्लाद पटेल समेत करीब 30 सांसद पहले ही संक्रमित हो चुके हैं, इसलिए चिंता और बढ़ गई है।


14 सितंबर से शुरू हुए मानसून सत्र का समय वैसे 1 अक्टूबर तक है। उम्मीद है कि सभी अहम बिल पहले 7 दिन में ही पास हो जाएंगे। एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि अगर कुछ बिलों के साथ-साथ सभी अध्यादेश पास हो जाते हैं तो भी सत्र का समय घटाने का फैसला लिया जा सकता है। संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की आज होने वाली मीटिंग में इस पर चर्चा हो सकती है।


कोरोना की वजह से इस बार संसद के सत्र में कई बातें पहली बार हो रही हैं। जैसे- सेशन बिना किसी छुट्टी के लगातार चलाने का फैसला लिया गया है। सांसद बैठे-बैठे ही सवाल कर रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अलग-अलग पारियों में चल रही है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने के लिए एक सदन की कार्यवाही में दूसरे सदन की गैलरी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।


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