कुशीनगर मे कोटेदार डाल रहे गरीबों के हक पर डांका


 

कुशीनगर। सरकारी मुलाजिमों की मिलीभगत और कोटेदारों के जुगलबंदी के चलते जनपद मे गरीबों के निवालों पर डाका डाला जा रहा है। उत्तर प्रदेश खाद्य एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम  के तहत सितम्बर माह मे मिलने वाले दो किलो चना के बदले एक किलो चना दिया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा विरोध करने अधिकांश कोटेदार यह कह कर अपना पल्ला झाड़ ले रहे है कि जो मिला है वह दे रहे है लेना हो तो लो नही तो जाओ। वही कुछ मनबढ कोटेदार ऐसे भी है जो ग्रामीणों से मारपीट करने पर उतारू है। ऐसे मे सवाल यह उठता है कि योगी सरकार मे प्रति कार्डधारक से एक किलो चना डकारने वाले कोटेदारों को किसका बदहस्त प्राप्त है। 

 

बताते चलें कि कुशीनगर जनपद मे अगस्त माह में चना आवंटित नही हुआ था। जिसके वजह से जिले के कोटेदारों ने चने का उठान नही किया था। शासन ने जनपद को अगस्त - सितम्बर दो माह का चना आवंटित कर गरीबो मे वितरण करने का निर्देश दिया। काबिले तारीफ है कि चालू माह मे दो माह का उठान करने के बावजूद जनपद के अधिकांश कोटेदारों द्वारा सिर्फ एक माह का एक किलो चना दिया जा रहा है। पडरौना, दुदही, रामकोला, सेवरही व कसया के कार्डधारको ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर गुहार लगाई है। इन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मात्र एक किलो चना दिया गया है जबकि पिछले महीने मे कोटेदारों द्वारा यह कहा गया था कि इस महीने मे पूरे जनपद मे चना का आवंटन नही हुआ है। अगले महीने मे दोनो माह का जोडकर दो किलो चना दिया जायेगा। कार्ड धारक पडरौना व्लाक राम नक्षत्र, हनुमान प्रसाद, गिरीश, दुदही व्लाक के मोबीन, इसरावती, जरीना, सेवरही व्लाक गिरजा, रुबीना, शबनम कसया व्लाक के नत्थु, मोहन, सुरसती देवी आदि का कहना है कि कोटेदार द्वारा दो किलो के जगह एक किलो चना दिये जाने पर हम लोगो ने विरोध किया तो कोटेदार मारपीट करने पर उतारू हो गये। कुछ कोटेदार यह कह रहे है कि जितना चना मिला है उतना दे रहे है लेना हो तो लो नही भाग जाओ। ऐसे में सवाल यह उठता है कि गरीबों के हिस्से का एक किलो चना कहा जा रहा है? 

 

  इस संबंध मे उपजिलाधिकारी तमकुहीराज एआर फारुकी का कहना है कि गरीबों के हिस्से का निशुल्क खाद्यान्न उन तक पहुंचाने के लिए हम कटिबद्ध हैं। मामला मेरे संज्ञान मे नही था अब जानकारी हुई है जांच कर कार्रवाई की जायेगी। इस संबंध में सप्लाई इंस्पेक्टर रमेश चंद्र तिवारी ने कहना था कि इस माह मे पिछले माह का जोडकर प्रत्येक कार्डधारक दो किलो चना आवंटन किया गया है। जो कोटेदार एक किलो चना वितरण किए हैं उन्हें बुलाकर फिर दोबारा एक किलो देना पड़ेगा और जो वितरण नहीं किए हैं वह अपने वितरण में प्रत्येक कार्ड धारक को 2 किलो चना दें। अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब यह देखना है कि क्या गरीब अपने हक को प्राप्त करने में सफल होते है या फिर हर बार की तरह गरीबों के हक का चना भ्रष्टाचार की भेट चढ जायेगा।

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