कोरोना से जंग हार गए चकिया नपं के चेयरमैन अशोक बागी, दो महीनों से लड़ रहे थे मौत से जंग, चंदौली जिले में शोक की लहर

कोरोना संकट के बीच नगर में किये गये कार्यों की हो रही थी सराहना


नगर में किये गये विकास कार्यों के लिए हमेशा याद किये जायेंगे अशोक बागी

जनसंदेश न्यूज़
चकिया/चंदौली। नगर वासियों को गुरूवार को एक बड़ा झटका लगा। नगर पंचायत के जुझारू नेता और चेयरमैन अशोक कुमार बागी की असामयिक निधन हो गया। चेयरमैन टायफायड व कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने के बाद पिछले दो महीनों से अस्पताल में भर्ती थे। हालांकि लाख प्रयास के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी। उनके असामयिक निधन से पूरे नगर सहित जिले में शोक की लहर है। गुड़गांव के पोंटिज हॉस्पिटल में उनका इलाज किया जा रहा था। 



आपकों बता दें कि अशोक बागी बीते 2017 में होने वाले निकाय चुनावों में निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए थे। जिसके बाद वें नगर की बेहतरी के लिए कई कार्य किये। जिसमें चौराहों-चौराहों पर सीसीटीवी लगवाने के साथ ही स्वच्छता को जागरूकता, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए आरो प्लॉन्ट सहित कई सराहनीय कार्य किये। इसके साथ ही कोरोना संकट के समय में भी अग्रिम मोर्चे पर तैनात होकर कार्य करने वाले अशोक बागी की काफी सराहना हुई थी। हालांकि इसी बीच वें कोरोना संक्रमित भी हो गये। जिसके बाद उन्होंने वाराणसी मेडमिन में भर्ती कराया गया। जहां हालत में सुधार ना होने पर उन्हें गुड़गांव के पैटिंज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां वें हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग जूझ रहे थे। हर मोर्चे पर संघर्ष करने वाले नगर पंचायत चेयरमैन ने लगातार दो महीनों तक हॉस्पिटल में मौत से जंग लड़ी। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था और अंततः गुरूवार को 11.30 बजे उन्होंने हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली।  




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