जिला जेल में निरुद्ध कैदी अब पीसीओ से कर सकेंगे परिजनों से अपनी बात


 

मोहनलालगंज/लखनऊ। जिला जेल के बंदी अब हफ्ते मे पांच दिन अपने परिजनों से फोन से बात कर उनका हाल-चाल ले सकेंगे। डीजी जेल आनंद कुमार के निर्देश पर बंदियों की सहूलियत के लिए जेल प्रशासन सर्किलों मे पीसीओ लगा रहा है। डिप्टी जेलर की मौजूदगी मे पीसीओ के जरिये बंदी एक बार मे पांच मिनट तक अपने परिजनों से बात कर सकेगा। कोरोना काल मे जिला जेल मे मुलाकात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। जिसको देखते हुए जेल प्रशासन ने जेलों मे पीसीओ लगाने का निर्णय लिया है।

     

  3540 क्षमता वाली जिला जेल मे करीब 3500 बंदी बंद हैं। जिनकी मुलाकात पूरी तरह से प्रतिबंधित है। दरअसल सूबे मे कोरोना वायरस के प्रवेश करते ही 30 मार्च से जेलों मे मुलाकात पर रोक लगा दी गयी थी। हालांकि जेल आने वाले बंदियों को तनाव आदि से दूर रखने के लिए जेल प्रशासन अधिकारी की निगरानी मे महीने मे एक दो बार रजिस्टर्ड मोबाइल से दो मिनट बात करा देता था। इस व्यवस्था मे करीब 12 दिन बाद बंदी का नम्बर आता था। डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि हफ्ते मे पांच बार बंदियों की बात उनके परिजनों से कराने के लिए जेल अधीक्षको को कहा गया है। जिसके लिए जेलों मे पीसीओ बूथ बढाने के निर्देश दिये गये हैं। कोविड-19 के चलते लम्बे समय तक मुलाकात प्रभावित होने के कारण  बंदियों को सहूलियत देते हुए हफ्ते मे पांच बार फोन से घर पर बात कराने की सुविधा बढ़ा दी गयी है। अब बंदी एक बार मे पांच मिनट तक घर पर बात कर सकेगा। जिसके लिए बंदियों को एक रूपये प्रति मिनट के हिसाब से शुल्क अदा करना होगा। 1 अक्तूबर से पीसीओ के जरिये बंदी बात होना शुरू हो जायेगी। जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि जेल के अन्दर पीसीओ लगाये जा रहे हैं। जेल अस्पताल,सर्किलों व महिला बैरक समेत कर जेल मे 12 पीसीओ लगाए जायेंगे। जिसके जरिये पहले चरण मे बंदियों को उनके घरवालों से सप्ताह मे कम से कम तीन बार फोन से बात कराने का लक्ष्य है। जिसके लिए जरूरत पड़ने पर पीसीओ की संख्या मे बढाई जायेगी। व्यवस्था मे कोई अड़चन न आने पर दस दिन बाद दूसरे चरण मे सुविधा मे इजाफा करते हुए इसे बढाकर हफ्ते मे पांच बार कर दिया जायेगा। डीजी जेल के पीआरओ संतोष वर्मा ने बताया कि कोरोना काल मे मुलाकात प्रतिबंधित होने के कारण पीसीओ के जरिये बंदियों की बात उनके परिजनों से कराए जाने की व्यवस्था की गयी है। जिससे बंदी अपने परिजनों के सम्पर्क मे रह सकें। पहले बंदी मुलाकात के जरिये परिवार के रूबरू होते थे।

  

साफ्टवेयर मे बंदियों के परिजनों के मोबाइल नम्बरों की फीडिंग शुर-

 

जेल अधीक्षक आशीष तिवारी बताते हैं कि बंदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात कराने की सुविधा मुहैया कराने के लिए उनकी टीमें लगातार तैयारी मे जुटी है। उन्होंने बताया कि बंदियों द्वारा उपलब्ध कराए गए दो मोबाइल नम्बरों को फीड कर डाटा तैयार किया जा रहा है। अब तक करीब 1200 बंदियों के नम्बर फीड कर दिये गये हैं। एक सप्ताह मे पीसीओ संचालित कराने की तैयारी की जा रही है उसके पहले सभी बंदियों के नम्बर साफ्टवेयर मे फीड करा दिये जायेंगे।

 

ऐसे होगी बात

नई व्यवस्था के तहत जेल भे पीसीओ बूथ लगेंगे। बंदियों द्वारा रजिस्टर्ड कराये गये नम्बरों को साफ्टवेयर मे फीड कराने के साथ ही उसका अंगूठा स्कैन होगा। बूथ पर पहुंचने पर बंदी के थम्ब इम्प्रेशन करते ही सिस्टम चालू हो जायेगा। जिसके बाद बंदी नम्बर डायल कर बात सकेगा।जेल की सर्किलों मे पीसीओ बूथ लगाये जा रहे हैं, ताकि जल्द ही बंदियों की उनके परिजनों से पीसीओ के जरिये हफ्ते मे पांच बार बात कराई जा सके। इस सुविधा के लिए काल रेट के अलावा बंदियों को अलग से कोई शुल्क नही देना होगा। सर्किल अफसरों की निगरानी मे बात कराई जायेगी।

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