गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के दो दर्जन गुर्गों ने बुलेट प्रूफ करवाईं अपनी गाड़ियां


लखनऊ। दो साल पहले बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सबसे ज्यादा दहशत में आए बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीब दो दर्जन गुर्गों ने अपनी गाड़ियां बुलेटप्रूफ करवा ली हैं। बेहद गुपचुप तरीके से स्कार्पियो और फार्च्यूनर गाड़ियों को मेरठ व पंजाब से बुलेटप्रूफ कराया गया है। दिलचस्प यह कि अधिकतर गुर्गों ने गाड़ियां उनके नाम पर नहीं हैं। उन्होंने अपने करीबियों के नाम से गाड़ियां खरीदी हैं।


यह जानकारी सुरेन्द्र कालिया के अपनी बुलेटप्रूफ गाड़ी पर हमला कराने और मुख्तार के करीबी प्रदीप सिंह के पास ऐसी गाड़ी बरामद होने के बाद सामने आई है। दोनों के पास बुलेटप्रूफ करवाने के कोई दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस की पड़ताल में चौंकाने वाली कई और जानकारियां सामने आई हैं।
12 जुलाई को आलमबाग में अजंता अस्पताल के बाहर हरदोई के हिस्ट्रीशीटर सुरेन्द्र कालिया ने बुलेटप्रूफ स्कार्पियो पर फायरिंग करवाई गई थी। पड़ताल में यह गाड़ी कालिया के दोस्त की निकली थी। इस गाड़ी को बुलेट प्रूफ करवाने का कोई भी दस्तावेज सुरेन्द्र नहीं दे सका था। 22 सितम्बर को मुख्तार गिरोह के खिलाफ चले अभियान में रिटायर डिप्टी एसपी के बेटे प्रदीप सिंह के फ्लैट पर बुलेटप्रूफ फार्च्यूनर गाड़ी की चाभी मिली थी।


यह गाड़ी भेनुमती अपार्टमेंट में बरामद हुई थी। इसके भी कागजात पुलिस को नहीं मिले। पुलिस ने यह गाड़ी सीज कर दी है। इसी तरह मुख्तार के बेहद करीब एक पूर्व विधायक के गुर्गे के पास भी बुलेटप्रूफ गाड़ी पुलिस को पता चली। पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय ने इस बारे में मातहतों के साथ बुलेटप्रूफ गाड़ी के बारे में कई जानकारियां जुटाईं। इसमें ही सामने आया कि अधिकतर बुलेटप्रूफ गाड़ियां मुख्तार अंसारी के गुर्गों के पास ही है। इस खुलासे के बाद ही पुलिस ने इस दिशा में पड़ताल तेज कर दी है। डीसीपी चारु निगम का कहना है कि मुख्तार के गिरोह की धरपकड़ के दौरान बुलेटप्रूफ गाड़ी मिली थी, जो प्रदीप की बताई जा रही हैं।


इस मामले की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2016 में मुन्ना बजरंगी के साले पुष्पजीत सिंह और फिर 2017 में ठेकेदार मो तारिक की हत्या ने मुन्ना बजरंगी को काफी कमजोर कर दिया था। हमेशा साथ देने वाले बजरंगी के कमजोर होने से मुख्तार खेमा भी परेशान हो गया। इन दो हत्याओं से आशंका होने लगी थी कि यूपी में जल्द ही बड़ी गैंगवार होगी। इसके बाद नौ जुलाई 2018 को बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या ने अंडरवर्ल्ड के समीकरण बदल डाले। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी दहशत में आ गया । बताया जाता है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद ही मुख्तार गिरोह के गुर्गों ने अपनी गाड़ियों को बुलेटप्रूफ करवाना शुरू कर दिया है।


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