डीएम और सीएमओ के बीच की खटास कम करने को मुख्य सचिव ने की पहल, बोले-टीम भावना के साथ करें कार्य


जनसंदेश न्यूज़
लखनऊ। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी भी, प्रदेश में जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के बीच पड़ चुकी खटास को कम करने के लिए आगे आ चुके हैं। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया, मगर उन्होंने भी एक वर्ग को बचाने और एक वर्ग को दबाने का ही प्रयास किया है।


सोमवार को जारी पत्र में उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी, जो कि वैश्विक महमारी की रोकथाम व इलाज प्रबन्धन में लगी है, उसकी सफलता के लिए डॉक्टरों, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ, राजस्व कर्मी, पुलिस कर्मी, शिक्षकों , सफाई कर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से सामान्जस्य बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। 


श्री तिवारी का कहना है कि कई दशकों बाद, इस महामारी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी रोकथाम व बचाव करना हम लोगों की चुनौती है। इसलिए अधिकारियों में दबाव व मानसिक तनाव स्वाभाविक है। इसलिए जरूरी है कि आप सभी आपसी सहयोग, प्रेम-सम्मान और टीम भावना से काम करें ताकि प्रशासनिक मशीनरी में सकारात्मकता बढे। 


उन्होंने कहा कि समाज की स्वस्थ्ता के लिए कई विभागों को मिलकर ही कार्य करना होगा। इसलिए हर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरे मनोयोग से काम करना जरूरी है। आप सभी अच्छा व्यवहार कर टीम भावना प्रदर्शित करें। इस संबन्ध में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के महामंत्री डॉ.अमित सिंह का कहना है कि रायबरेली में डीएम ने सीएमओ के साथ जो किया, सभी के सामने है। हठधर्मिता देखिए, सीएमओ को हटा भी दिया। इसके पूर्व अलीगढ़, बस्ती, आदि कई जनपदों में चिकित्सकों को अपमानित करने का कृत्य हो चुका है। यह पत्र समझ से परे है।


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