चर्चित अभियंता पार्टनरशिप में करता है ठेकेदारी! पंजीकृत ठेकेदार अपनी रोजी-रोटी के लिए ‘मोहताज’



जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। पीडब्ल्यूडी विभाग में अधिशासी अभियंता के खास सहायक अभियंता  राकेश कुमार अपने कार्यो को लेकर विभाग में चर्चा बने हुए है। विभाग के सभी खंडो में इनका दबदबा कायम है। वह स्वजातीय ठेकेदार के साथ मिलकर पार्टनरशिप में ठेकेदारी का भी कार्य करते है। जिसका विरोध कोई नहीं कर पाता है।   


पीडब्ल्यूडी विभाग में निर्माण कार्यो में अनियमतता के साथ ही चर्चित सहायक अभियंता के कार्यो से ठेकेदार काफी परेशान हो गए है। सहायक अभियंता राकेश कुमार का अधिशासी अभिंयता के करीबी होने की वजह से उनके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा पाता है। इसके बावजूद ठेकेदार संघ ने संबंधित उच्चाधिकारी के अलावा विभागीय मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लिखित शिकायत कर चुके है। 


आरोप लगाया कि प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार के पास निर्माण खंड-2 प्रअ एवं निर्माण खंड तीन का चार्ज है। वहीं, प्रांतीय खंड में कार्यरत राकेश कुमार सहायक अभियंता के पास  प्रांतीय खंड के अलावा निर्माण खंड-3 में भी सहायक अभियंता का चार्ज है। जबकि निर्माण खंड-3 में पूर्व से ही 2 सहायक अभियंता कार्यरत हैं।  


सहायक अभियंता राकेश कुमार द्वारा दोनो खंडो में अनियमितता करते हुए ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है। एक पंजीकृत ठेकेदार ने नाम न बताने के शर्त पर बताया कि इस सहायक अभियंता का विभाग में इतना दबदबा है कि वह अपने स्वजातीय ठेकेदार के साथ मिलकर पार्टनरशिप में ठेकेदारी का भी कार्य करते है। उक्त स्वाजातीय ठेकेदार द्वारा उक्त सहायक अभियंता की मिलीभगत के कारण अनेकों कार्यों का ठेका प्राप्त किया गया। वहीं अन्य पंजीकृत ठेकेदार अपनी रोजी-रोटी के चलते खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है। जिसका फायदा लगातार उक्त सहायक अभियंता द्वारा ठेकेदारों को प्रताड़ित करते हुए उठाया जा रहा है।


फर्जी भुगतान से ठेकेदारों का वास्तविक भुगतान बाधित
पीडब्ल्यूडी में अधिकारियों के मनमाने कार्य पर फर्जी भुगतान होने के कारण वर्ष 19-20 में स्वीकृत नवीनीकरण के कार्यों लगभग 6-7 करोड़ का वास्तविक भुगतान बाधित है। जिससे ठेकेदार परेशान व तंगहाल  में जी रहे हैं। 


सहायक अभियंता को स्टोर का चार्ज
अधिशासी अभियंता ने अपने कार्यों को अंजाम देने के लिए स्टोर का चार्ज भी अपने चहेते स्वजातीय अवर अभियंता को दे दिया है। जबकि स्टोर का चार्ज पूर्व में दूसरे सहायक अभियंता व अवर अभियंता के पास था। आरोप है कि, विभाग में बडे़ घोटाले की मंशा रखते हुए चार्ज का बदलाव वित्तीय वर्ष के अंन्तिम समय फरवरी 2020 में अधिशासी अभियंता द्वारा किया गया। इतना ही नहीं, पूर्व के अवर अभियंता स्टोर द्वारा वित्तीय वर्ष समाप्ति के पश्चात आदान प्रदान की बात कही गई तो चार्ज हायर करने हेतु अधिशासी अभियंता द्वारा निर्देशित किया गया। 
 


 


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