चार दिनों से लापता शुभम जायसवाल की हत्या, घर के सामने वाले मकान में ही दफनाया, शव गलाने के लिए डाला नमक

सिगरेट लाने के विवाद में दोस्तों ने ही कर दी हत्या

जनसंदेश न्यूज़
चंदौली। बीते 15 सितंबर को घर से लापता सिद्धार्थ जायसवाल की हत्या कर दी गई। हत्यारे किशोर के दोस्त निकले, जिन्होंने शराब पीने के बाद सिगरेट लाने को लेकर विवाद में हाथापाई के बाद चाकू से गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बिछियां स्थित अपने मकान में दफन कर दिया। उक्त मामले में सिद्धार्थ के मोबाइल से परिजनों को फोन कर फिरोती भी मांग डाली, ताकि पुलिस व परिजनों का ध्यान अपहरण की तरफ चला। लेकिन बीते शुक्रवार की रात हत्यारोपियों तक पुलिस पहुंची और पूछताछ के बाद शव को बाहर निकाला गया।


पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि 17 सितंबर को सिद्धार्थ के परिजनों ने उसके अपहरण होने की शिकायत सदर कोतवाली में दर्ज कराई। इसके बाद सदर कोतवाली व क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीमें किशोर की खोजबीन में जुट गयी। इसी कड़ी में परिजनों से पूछताछ के दौरान पुलिस की नजर हत्यारोपी अमित के सीने पर मौजूद दांत काटने के निशान पर पड़ी। संदेह के आधार पर पुलिस ने युवक को उठाया और सख्ती से पूछताछ की तो उसने 15 सितंबर को ही सिद्धार्थ की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। 


बताया कि उसने सिद्धार्थ को शराब पीने के लिए बिछियां स्थित अपने मकान पर बुलाया। वहां सिगरेट लाने को लेकर विवाद हुआ तो पास में पड़े चाकू से उसका गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी लाश को मकान के पिछले हिस्से में गाड़ दिया। पुलिस से बचने के लिए सिद्धार्थ का मोबाइल ले जाकर कटरिया के पास खोला और परिजनों से 20 लाख रुपये फिरौती की मांग करने के बाद मोबाइल को पास के नहर में फेंक दिया। इस काम में अमित के ममेरे भाई ने उसका साथ दिया। हत्यारोपियों की निशानदेही पर एसपी, एएसपी व सीओ सदर समेत भारी पुलिस फोर्स बिछियां गांव पहुंची और सिद्धार्थ के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 



...शातिर के साथ सम्पन्न है सिद्धार्थ का हत्यारा


सीने पर संघर्ष के निशान लेकर घूम रहा था अमित


चंदौली। आठ पुलिस टीमें, 24 घंटे की कड़ी तफ्तीश। इसके बाद अपहरण के मामले का पटाक्षेप और हत्या जैसे अप्रत्याशित नतीजे ने सभी को हिलाकर रख दिया। छानबीन में लगी पुलिस के साथ-साथ बिछियां गांव के ग्रामीणों ने ऐसे नतीजे की उम्मीद इस मामले में नहीं की थी, क्योंकि शातिर हत्यारों ने सबूत को छिपाने के साथ-साथ ऐसा माहौल तैयार कर दिया था कि किसी ने सिद्धार्थ के हत्या का अंदेशा नहीं लगाया। लेकिन खूनी संघर्ष के निशान सीने पर लेकर घूम रहे अमित के पुलिस के हत्थे चढ़ते ही मामला पटल पर आ गया।


एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि हत्यारा सम्पन्न परिवार से है और काफी शातिर दिमाग का है। मामूली विवाद में हत्या करने के बाद भरी आबादी के बीच स्थित अपने निर्माणाधीन मकान के पिछले हिस्से में दिन के उजाले में ही सिद्धार्थ के शव को गड्ढे में डालकर उसे मिट्टी आदि से ढक दिया। लाश जल्द से जल्द गल जाए इसके लिए हत्यारे युवक ने 10 किलो नमक भी गड्ढे में डाल रखा था। बताया कि हत्यारोपी अमित के पिता प्रतापगढ़ में ब्लाक कार्यालय पर कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत हैं।


अमित सम्पन्न होने के साथ आनलाइन फ्राड करने वाला शातिर बदमाश व अय्याश किस्म का लड़का है। जिसने 15 सितंबर को ही अपने दोस्त सिद्धार्थ की हत्या की। इसके बाद पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए मृतक के मोबाइल से परिजनों को फोन कर 20 लाख रुपये फिरौती मांग ली और सामान्य ढंग से रहने लगा, ताकि किसी को शक न हो। यदि पूछताछ कर रही पुलिस टीम को अमित के सिने पर जख्म के निशान नहीं मिलते तो शायद इतनी जल्दी हत्या की घटना से पर्दा उठा पाना मुश्किल होता है। हत्या की पूरी घटना को बड़े ही शातिर अंदाज में रचा और अंजाम देने की कोशिश की गई थी।


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