बनारस में वर्कलोड के कारण तीन कानूनगो ने जिलाधिकारी को भेजा इस्तीफा

अमीन के पद से हुए थे प्रोन्नत, विभिन्न सर्किल का काम मिलने से खफा


खाली पदों पर भर्ती न होने से कर्मचारियों पर बढ़ रहा काम का दबाव


प्रमोशन, सेवानिवृत्ति के कारण तहसीलों में तमाम पद चल रहे हैं रिक्त



सुरोजीत चैटर्जी
वाराणसी। काम का बोझ न उठा पाने के कारण तहसील सदर के तीन कानूनगो ने जिलाधिकारी को इस्तीफा भेजा है। दिनभर तहसील और कलेक्ट्रेट में दौड़धूप करने के बाद उन्होंने डाक के जरिये स्पीड पोस्ट से यह त्यागपत्र भेजा है। माना जा रहा है कि 50 साल की उम्र वाले सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी को देखते हुए गाज गिरने से पहले ही तीनों ने यह कदम उठाया।
चर्चा के मुताबिक तहसील सदर में अमीन के पद से प्रमोट होकर कानूनगो बने तीन कर्मचारियों ने अपने सर्किल समेत कई अन्य सर्किल की भी जिम्मेदारियों दिये जाने के कारण कार्य करने में असमर्थता व्यक्त की। अमीन और कानूनगो की कार्य की प्रकृति में अंतर होने के चलते यह कानूनगो खुद को समय के अनुसार अपडेट नहीं कर सके।


शनिवार को तीनों ने पहले तहसीलदार मनोज पाठक को इस्तीफा सौंपा लेकिन वहां उनका त्यागपत्र स्वीकृत नहीं हुआ। तहसील के कर्मचारियों ने तीनों को काफी समजाने की कोशिश की। उसके बाद तीनों कानूनगो अपना-अपना इस्तीफा देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां भी कर्मचारियों ने तीनों का देर तक मान-मनौवल किया लेकिन बात नहीं बनी।


अंततः तीनों कानूनगो ने डाकघर से स्पीड पोस्ट के माध्यम से अपना-अपना त्याग-पत्र भेजा। इस बारे में पुष्टि के लिए प्रयास के बावजूद तहसीलदार से संपर्क नहीं हो सका। कुछ समय पूर्व एक कलेक्ट्रेट कर्मी ने भी त्याग-पत्र तैयार कर लिया था लेकिन सहकर्मियों द्वारा काफी समझाने के बाद उनसे इस्तीफा देने का निर्णय वापस ले लिया। जबकि बीते मार्च माह में एक स्टाफ त्याग-पत्र दे चुका है।
जानकारी के मुताबिक तहसीलों में पदोन्नति के कारण कई कर्मचारियों के पटल बदल चुके हैं। वहीं, तमाम स्टाफ रिटायर भी हो रहे हैं। उनके खाली पदों पर नियुक्ति न होने के चलते अन्य कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।


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