बाबतपुर में स्थापित होगा देश का पहला पैक हाउस, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि निर्यात का हब बनेगा बनारस

फल-सब्जी, काला धान की बेहतर गुणवत्ता के लिए व्यापक स्तर पर चल रही पहल


बनारस को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि निर्यात का हब बनाने को कमिश्नर ने की मीटिंग


किसानों के खेतों के निकट भी अनुदान आधारित छोटे-छोटे पैक हाउस होंगे स्थापित


एपीडा और फार्मर प्रोडक्शन ऑर्गनाइजेशन आदि इसमें निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका


बनारसी लंगड़ा और एक्सपोर्ट होने वाले इंदू मिर्च का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने की तैयारी



सुरोजीत चैटर्जी
वाराणसी। जनपद को पूर्वी उत्तर प्रदेश का कृषि निर्यात का हब बनाने के लिए व्याप्क स्तर का कार्य आरंभ हो चुके हैं। इस अभियान में किसानों से अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने और उनकी असुविधाओं को दूर करने के प्रयास भी शामिल हैं। ताकि यहां से उत्पादित फल-सब्जी व मसालों को एक्सपोर्ट निर्बाध रूप से संभव हो। मुहिम में बाबतपुर एयरपोर्ट पर पैक हाउस के अलावा कृषकों के खेतों के निकट ही पैक हाउस की स्थापना जैसी पहल शामिल है। वहीं, चंदौली में काला धान उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उसकी गुणवत्ता और बेहतर बीज की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।


कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इस बारे में शनिवार को बैठक पर संबंधित अफसरों और प्रगतिशील किसानों को बताते हुए आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एपीडा) का कार्यालय स्थापित कर किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप फल-सब्जी उत्पादन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, ईरी समेत कई विशेषज्ञ कार्य कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि फल-सब्जी को अच्छे ढंग से एक्सपोर्ट करने के लिए लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक छोटा पैक हाउस स्थापित करने की कार्यवाही शुरु हो चुकी है। देश के किसी एयरपोर्ट पर यह पहला पैक हाउस होगा। राजातालाब स्थित कार्गो फैसिलिटी अपग्रेड होगा। बनारसी लंगड़ा आम का उत्पादन क्षेत्र 70 हे. तक करने पहल की जा रही है। निर्यात होने वाली इंदु वेरायटी मिर्च का भी प्रोडक्शन एरिया बढ़ाया जाएगा। दो लाख रुपये तक अनुदान वाले किसानों के फार्म पर ‘ऑन फार्म पैक हाउस’ स्थापित होंगे।


मंडलायुक्त ने बताया कि ईरी ने चंदौली में काला धान में गुणवत्ता व पैदावार बढ़ोतरी के लिए शोध आरंभ किया है। संस्थान के वैज्ञानिक धान के पौधे की लंबाई कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। रामनगर स्थित वाटर इनलैंड बंदरगाह एक मालवाहक जहाज आ चुका है और जल मार्ग से ट्रांसपोर्ट का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक फार्मर प्रोडक्शन ऑगेर्नाइजेशन (एफपीओ) बनाकर उसके जरिये निर्यात कार्य कराएं।


किसानों को कराएं फील्ड विजिट


- कृषि और उद्यान विभाग गांवो में किसानों के खेतों को प्रदर्शन क्षेत्र बनाकर दूसरे कृषकों को दिखाएं। प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने वालों का वहां विजिट हो। साथ ही किसानों को बताएं कि कैसे निर्यात के लिए तय मानकों में फल-सब्जी उगाने की जरूरत है। इस प्रकार की पहल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप गांव सशक्त और किसान समृद्धि होंगे। उन्हें सरकार की प्रत्येक योजना की जानकारी दें। मंडल के सभी जनपदों में किसानों के खेतों पर ही सब्जी, फलों के मॉडल फार्म तैयार कर वहां अन्य कृषिकों का विजिट कराएं।


 


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