सड़क निर्माण में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार, अधिकारी को शिकायत का इंतजार, नाली पर मिट्टी डाल बना दी सड़क!



जनसंदेश न्यूज 
कठवामोड़/गाजीपुर। लोक निर्माण विभाग में सड़को के निर्माण में व्यापक स्तर पर धांधली की बात सामने आने लगी है। विभाग द्वारा व्यापार विकास निधि की मद से विभिन्न जगहो पर निर्माण कार्य में कई जगह बड़े घोटाले की शिकायत भी हो चुकी है। लेकिन विभाग मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराने में लगा हुआ है। दरअसल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को लेकर डीएम सहित विभागीय उच्चाधिकारियों तक इसकी शिकायत कर चुके है। वहीं मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित जगह के अलावा निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।


गौरतलब है कि, पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा व्यापार विकास निधि के तहत जिले में सड़क निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन विभाग द्वारा इस निधि से सड़क निर्माण को लेकर तरह-तरह के आरोप लगने लगे है। सूत्र के अनुसार जिले में व्यापार विकास निधि के तहत सड़क निर्माण में घोर अनियमितता के साथ बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है। विभागीय जानकारों के अनुसार कई जगह सड़क निर्माण ही नहीं किया गया, लेकिन कागजो में पूरा कर लिया गया है। 


ऐसे ही एक मामले को पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद विगत तीन चार दिनों से सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ता के गांव में सम्पर्क मार्ग कार्य कराने के बजाय दूसरे गांव के सम्पर्क मार्ग पर कार्य शुरू कराया गया है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि लोक निर्माण विभाग के प्रस्तावित टेंडर में इस कार्य परियोजना का कही नाम ही नही है। 


दरअसल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने आरोप लगाया था कि कठवामोड़ से नोनहरा भागलपुर गांव तक लम्बाई 1.60 किमी लागत करीब 85.95 लाख तथा मऊ युसूफपुर मार्ग पावर हाउस होते हुए कमालपुर संपर्क मार्ग लंबाई एक किमी में लागत लगभग 51.85 लाख है। जिसको लोक निर्माण विभाग ने कागजों पर पूरा कर लिया है। संपर्क मार्ग 1600 मीटर निर्माण के लिए स्टीमेट बना कर टेंडर कर लिया गया है। साथ ही कागजो में भुगतान भी किया गया है। जब इसकी जांच पड़ताल शुरू हुआ तो इस तरह का कोई मार्ग ही नही है बल्कि कठवामोड़ नोनहरा मार्ग से भागलपुर गांव के लिए पक्की नाली बनी थी। जिससे किसानों के खेतों की सिंचाई होती थी। कुछ समय पूर्व ग्रामीणों ने उस नाली को पाट कर आने जाने के लिए पगडंडी बनाया और बाद में उसी पर मिट्टी डाल कर आने जाने के रास्ता बना दिया जो भागलपुर गांव में जाने के लिए पाँच या छह सौ मीटर होगा। 


हालांकि, मीडिया में खबर के आने के बाद विभागीय अधिकारी सक्रिय हुए और कुछ दिनों पूर्व भागलपुर से चकताहा गांव को जाने वाली ग्रामीण सड़क पर गिट्टी डालने का काम शुरू किया गया। इस मामलें में अधिशासी अभियन्ता जितेंद्र कुमार ने गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि ये जांच का विषय है कोई लिख कर देगा तो जांच कराया जाएगा। हैरानी की बात है कि, अब विभाग शिकायतों का इंतजार कर रहा है कि यदि कोई शिकायत करेगा तो जांच किया जाएगा। 


 


 


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