कोरोना को मात देने वाले एसपी ने बताई अपनी कहानी, किस तरह गाना गाकर मायूसी पर पाया काबू  

यादगार के रूप में सोशल मीडिया पर गाया गाना  

जनसंदेश न्यूज़
गाजीपुर। जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच स्वस्थ होने वालों की तादाद में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। कोरोना को मात देने वाले ऐसे दो ऐसे  चौंपियन है, जिन्होंने इस खतरनाक वायरस पर विजय पाई है। जिसमें एक पांच साल की काव्या सिंह, जिसे पता तक नहीं कि कोरोना वायरस क्या होता है। वहीं दूसरे डॉ ओमप्रकाश सिंह पुलिस अधीक्षक गाजीपुर है।


पुलिस अधीक्षक डॉ ओम प्रकाश सिंह विभाग की कमान संभालते हुए कोरोना मुक्त रखने के लिए जनपद में अनेकों प्रयास किए। यहां तक की लोगों को जागरूक करने के लिए गाना गाकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपील भी किए। लेकिन खुद कोरोना से बच नहीं पाए और 23 जुलाई को खुद इस वायरस के चपेट में आ गए। उन्हें इलाज के लिए 24 जुलाई को केजीएमयू लखनऊ में एडमिट किया गया।


डॉ ओमप्रकाश ने बताया कि लखनऊ में जहां इनका परिवार रहता है। वहां पर उनकी गाड़ी और ड्राइवर चला गया तो उस अपार्टमेंट के लोग दबी जुबान में विरोध करना शुरू कर दिए। लेकिन जब इसकी जानकारी डॉ ओम प्रकाश सिंह को हुई तो उन्होंने तत्काल अस्पताल के कमरे से एक वीडियो बनाकर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों तक भेजा। तब लोगों को विश्वास हुआ कि मैं घर पर नहीं बल्कि अस्पताल के कमरे में हूं। 


श्री सिंह ने बताया कि उन्हें पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर की शिकायत थी, जिसके वजह से वह हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे। इस दौरान चाय और काढ़ा बनाकर पीते रहे और स्वयं जरूरी काम करते रहे। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान एक दिन अस्पताल में काफी मायूस हो गए थे तब उन्होंने एक गाना गाया और उसे यादगार के रूप में सोशल मीडिया पर डाउनलोड भी कर दिया ताकि उन्हें उन तकलीफ भरे दिनों को याद दिलाता रहे।



पांच साल की काव्या ने कोरोना को दी मात 
गाजीपुर। सदर कोतवाली के कृषि विभाग कॉलोनी निवासी काव्या 21 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव हो गई थी। पिता अभिषेक सिंह ने बताया कि बेटी के पॉजिटिव आने के बाद खुद को होम आइसोलट करना पड़ा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ प्रगति कुमार ने फोन कर जानकारी लिया और होम आइसोलेशन एप मोबाइल में इंस्टॉल करने के साथ ही जरूरी दवाओं के बारे में बताया, जिसे वह नियमित रूप से बेटी को देते रहे और बेटी स्वस्थ हुई। उपचार के दौरान 26 जुलाई को बेटी का जन्मदिन था। लेकिन होम आइसोलेशन की वजह से घर से निकल पाना मुश्किल था और बेटी लगातार केक के लिए जिद कर रही थी। वह दिन काफी दर्द भरा रहा लेकिन उस दर्द को एक न्यूज चैनल ने बेटी के बर्थडे की न्यूज चलाकर दर्द पर मरहम लगाने का काम किया।


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