कोरोना के कारण रूका ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस, भक्तों ने इस प्रकार मनाया उत्सव

हनुमान जी प्रतिमा स्थापित कर किया पूजन 

जनसंदेश न्यूज़
बलिया। जिले के महावीरी झंडा जुलूस का एक इतिहास रहा है। गुलाम भारत में बलिया 1942 में 14 दिनों के लिए आजाद रहा। उस समय भी बलिया में महावीरी झंडा जुलूस को ब्रिटिश फौज नही रोक पायी, लेकिन 2020 में कोरोना महावीरी झंडा जुलूस पर भारी पड़ा। पुरानी परंपरा में ऐसा पहली बार हुआ है कि 03 अगस्त को महावीरी झंडा जुलूस नही निकल पाया। 
कोरोना महामारी के चलते हनुमान जी के रथ को भी रोक दिया। नगर में भले ही महावीरी झंडा जुलूस नही निकला, लेकिन कमेटियों ने पुरानी परंपरा को भी तोड़ा। जगह-जगह हनुमान जी की प्रतिमा रखकर पूजन-अर्चन किया गया। नगर के टाउन हॉल, बालेश्वर घाट, लोहापट्टी, सिनेमारोड़, गुदरी बाजार, चमन सिंह बाग रोड़ आदि जगहों पर पूजन अर्चन कर पुरानी परंपरा को जीवित रखा। 1968 में हुआ था, बवाल और साथ दिनों तक जुलूस सड़कों पर ही खड़ी रही। 



उस समय किसी बात को लेकर जुलूस में जमकर बवाल हुआ। गोली और ईट चलने लगे। गोलीबारी में चार लोग मार दिए गये थे। 2005 में भी किसी बात को लेकर प्रशासन और कमेटी आमने-सामने हो गये थे। प्रशासन के सामने झंडा जुलूस को आगे बढ़ाना एक चुनौती हो गया था, लेकिन किसी तरीके से जुलस निकला।


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