अपर मुख्य सचिव ने आरआरटी टीमों को दिया निर्देश, सात दिन में पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों की भी ट्रेसिंग 

- अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जिले के नोडल अफसर डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने की समीक्षा


- रैपिड रेस्पांस टीमों (आरआरटी) को और बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए दिये निर्देश


- आरआरटी लिस्ट के आधार पर सभी का एंटीजन टेस्ट प्राथमिकता पर कराने पर बल

जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। सूबे के अपर मुख्य सचिव कृषि एवं जनपद के नोडल अफसर डॉ. देवेश चतुवेर्दी ने कोविड-19 के में लगी रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) से कहा है कि कांटेक्ट ट्रेसिंग में पॉजिटिव मरीज के परिवार के सदस्यों के अलावा बीते एक सप्ताह के भीतर उनके निकट संपर्क में आये सभी लोगों की ट्रेसिंग करें। ताकि उस सूची के आधार पर संबंधित सभी व्यक्तियों का एंटीजन टेस्ट प्राथमिकता पर जल्द से जल्द शीघ्र कराया जा सके।
जिलाधिकारी कैंप कार्यालय सभागार में शनिवार को डॉ. चतुर्वेदी बैठक कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण एवं उससे बचाव समेत कोविड मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आरआरटी टीमों की जिम्मेदारी बेहद महत्वूपर्ण है। इसलिए जिन आरआरटी टीमें ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं, उनकी प्रतिदिन की सूचना संबंधित प्रभारी के जरिये डीएम और सीएमओ को उपलब्ध कराया जाय।
उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एल-2 स्तर के पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में व्यवस्थाएं और सुदृढ कराएं। हॉस्पिटल में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे उपलब्ध रहें और मरीज को बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं मुहैया कराएं। रोगियों की ओर से शिकायत का कोई मौका न दें। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाय।
नोडल अधिकारी ने मरीजों से प्राप्त फीडबैक संज्ञान लेते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि मरीजों को नाश्ता, भोजन, दवायें इत्यादि समय पर दिया जाय। सैंपलिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में एंटीजन किट से टेस्ट अधिक से अधिक कराया जा रहा है। इसलिए इस किट की पर्याप्त उपलब्धता पहले से सुनिश्चित कर लें। सभी अधिकारियों एवं संबंधित टीमों के बीच बेहतर तालमेल और सूचनाओं का बढ़िया ढंग से आदान-प्रदान जरूरी है जिससे अच्छा रिजल्ट मिले।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड संबंधी कार्यों में किसी भी स्तर पर सुस्ती या लापरवाही न बरती जाय। संबंधित अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं विभिन्न कार्यों के नोडल अफसर अपने-अपने स्तर से नियमित रूप से समीक्षा करते रहें। फील्ड में आ रही कठिनाइयों का भी निराकरण समय से सुनिश्चत करें। मटिंग में में डीएम कौशल राज शर्मा भी थे।


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