चंदौली में घोटाले को लेकर दूसरे दिन भी आंदोलनरत रहे सपा के राष्ट्रीय सचिव, एडीओपी के स्पष्टीकरण के बाद आंदोलन खत्म

किन मानकों के आधार पर खरीदे गए उपकरणः मनोज सिंह

जनसंदेश न्यूज़
सैयदराजा। थर्मल स्कैनर व आक्सीमीटर खरीद में घोटाले को लेकर सपा के राष्ट्रीय सचिव का आंदोलन शुक्रवार को बरहनी ब्लाक पर चला। इस दौरान पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने थर्मल स्कैनर व आक्सीमीटर समेत सेनेटाइजर का छिड़काव करने वाली मशीन की खरीद में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवाज बुलंद की। सपाइयों के प्रतिकार व आंदोलन को देखते हुए एडीओ पंचायत बरहनी अरविंद सिंह सामने आए और उन्होंने उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। 
इस दौरान राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू ने तीसरे दिन स्थानीय प्रशासन से कई सवाल किए। कहा कि खरीद किन मानकों व आधार पर की गई है प्रशासन उसे स्पष्ट करे। यदि घोटाला नहीं हुआ तो अफसर कतरा क्यों रहे हैं? उन्होंने आंदोलन स्थल पर आकर खरीद से जुड़ी जानकारी पटल पर रखनी चाहिए। कहा कि जब तक आक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर के साथ-साथ सेनेटाइजर का छिड़काव करने वाली मशीन की खरीद का मूल्य निर्धारित नहीं किया जाता आंदोलन नहीं थमेगा। ऐसे में एडीओ पंचायत अरविंद सिंह धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लाकडाउन में माल की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रही थी। ऐसे में एक फर्म से सम्पर्क स्थापित कर 75 ग्राम पंचायतों के लिए उपलब्ध की मांग की गई, जिसे कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराया गया। लेकिन कम्पनी के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने पलटकर इस बाबत फोन नहीं किया। उनके द्वारा न तो कोई बिल-बाउचर प्रस्तुत किया गया, ना ही पेमेंट के लिए ही सम्पर्क साधा गया। उचित मूल्य का बिल-बाउचर प्रस्तुत करने पर ही फर्म को भुगतान किया जाएगा। अंततः पूर्व विधायक ने इस आश्वासन पर धरने को समाप्त कर दिया। साथ ही चेताया कि गड़बड़ी सामने आयी तो पुनः आंदोलन किया जाएगा।


आंदोलन खत्म, लेकिन अभी भी खड़े हैं सवाल
चंदौली। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक सैयदराजा मनोज सिंह डब्लू शुक्रवार को थर्मल स्कैनर खरीद प्रक्रिया को लेकर आंदोलित हुए तो जिला प्रशासन हरकत में आना। फिलहाल मामले को शांत करने के लिए पूरी प्रक्रिया को ही जिला प्रशासन ने निःशुल्क व बिना कागजात के करार दी। फिलहाल आंदोलन को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन सपाइयों द्वारा पूछे गए सवाल अभी भी कौंध रहे हैं। सबसे अहम सवाल यह कि जिन सरकारी दफ्तरों में पेन से लेकर कागज तक स्टीमेट और बिल-बाउचर के बगैर नहीं खरीदे जाते उस महकमे ने एक ब्लाक के 75 ग्राम पंचायतों में थर्मल स्कैनर व आक्सीमीटर खरीद कर बांट दिए। यहां तक की खरीद से पहले रेट तक नहीं पूछा। जब हंगामा व आंदोलन हुआ तो शुक्रवार को सामने आए एडीओ पंचायत ने यह कहकर मामले को टालना चाहता कि जिन व्यक्तियों से खरीद की गई है उसने अब तक पेमेंट के सम्पर्क नहीं किया गया है। बिल-बाउचर नहीं मिलने के कारण दाम स्पष्ट नहीं है। उन्होंने यह भरोसा दिया कि वाजिब मूल्य पर ही भुगतान होगा। फिलहाल सभी उपकरणों को निःशुल्क माना जाए।


 


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