स्वामी विवेकानंद जैसा हो विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण- प्रोफेसर बीएन सिंह

मानव के सम्पूर्ण विकास के लिए हैं मनोविज्ञान-प्रो. आरसी मिश्रा


दो दिवसीय वेबीनार का हुआ शुभारंभ



जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। बिना दोस्त के मन के राज नहीं खुलते। विद्यार्थियों को इस बात के लिए प्रेरित करें कि स्वामी विवेकानंद जैसे चरित्र निर्माण हो, जो शिक्षक द्वारा ही संभव है। यह बातें अरुणोदय विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश के कुलपति प्रोफेसर बी एन शर्मा ने मंगलवार को श्री अग्रेसन कन्या पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित ‘स्वस्ति बोध से प्रसन्नता की ओर’ विषयक दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार के उद्घाटन सत्र में कहीं। 



उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के लिए शिक्षकों को नये इनोवशन करने होंगे। इसके साथ ही उन्हें अध्यात्म और योग की ओर अग्रसारित करना होगा। जिससे उनको अपने अंदर की उर्जा से साक्षात्कार हो सके। वहीं प्रोफेसर आर सी मिश्रा, पूर्व विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने कहा कि मनोविज्ञान मानव के सम्पूर्ण विकास के लिए है। स्वस्ति में स्थित हो जाना ही प्रसन्नता का गुरु मंत्र है।



बेबीनार की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ संध्या ओझा ने बताया कि वेबीनार में कोरोना के कारण पूरी दुनिया में वेलबीइंग को लेकर नई-नई चुनौतियां खड़ी हो रही है, वेबीनार में विद्वानों ने इन चुनौतियों से भविष्य में निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने बताया कि वेबीनार में बड़ी संख्या में कर्नाटक, बंगलौर, शिकागो, बांग्लादेश, श्रीलंका, ढाका, दिल्ली, मुजफ्फरपुर, हरियाणा, ओडिशा के शिक्षकों, विद्यार्थियों, मनोवैज्ञानिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समाजशास्त्रियों ने  सहभागिता किया तथा विद्वानों से प्रश्न पूछ कर अपनी उत्सुकता को शांत किया।



प्रोफेसर प्रोमिला बत्रा, संकायाध्यक्ष, सामाजिक विज्ञान संकाय, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक, हरियाणा, प्रोफेसर रामजी लाल, पूर्व विभागाध्यक्ष,  व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग, वी बी एस पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, डॉ नरेंद्र थगुना, त्रिभुवन विश्वविद्यालय, नेपाल ने मुख्य रूप से संबोधित किया। 



इसके पहले आस्था श्रीवास्तव ने परंपरागत ढंग से सरस्वती वंदना करके कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात बेबीनार की संरक्षिका एवं श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज, वाराणसी की प्राचार्य डॉ कुमकुम मालवीय ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मुकेश श्रीवास्तव एवं डॉ आकृति पांडेय ने किया तथा अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन डॉ एम जी शर्मा ने किया।


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