एक लाख अपात्र ले रहे किसान सम्मान निधि का पैसा! भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कल्याणकारी योजना


पीएम किसान सम्मान निधि योजना में व्यापक भ्रष्टाचार

जनसंदेश न्यूज 
गाजीपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में करोड़ो रूपए अपात्रों के खातों  में जाने का मामला सामने आया है। जिलें में यह भ्रष्टाचार रूकने का नाम नहीं ले रहा है। संबंधित विभाग भी इस फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने में असफल साबित हो रही है। इस कार्य में योजना से जुड़े कर्मचारी भी लिप्त है। जिनके सहारे व्यापक रूप में फर्जीवाड़ा हो रहा है।   
किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को किया था। जिले में 2011 जनगणना के आधार पर करीब पांच लाख ग्यारह हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें पीएम किसान सम्मान निधि योजना में  चार लाख अठ्ठारह हजार लोग लाभ ले रहे है। सूत्रों की मानें तो करीब एक लाख से अधिक अपात्र लोगों के खाते में धनराशि जा रही है। 
विभाग के अनुसार सभी लाभाथिर्याे के खाते में पैसा भेजा जा चुका है। उनमें अधिकतर लोगों को पांच किस्त भेजी जा चुकी है। सूत्रों की मानें तो किसान सम्मान निधि योजना में जिले के सभी ब्लाकों के अंदर फर्जीवाड़े को धड़ल्ले से अंजाम दिया जा रहा है। जिस कारण से पात्र किसान वंचित भी हो रहे हैं। जिले के जखनियां, मनिहारी, बिरनो, मरदह तथा सेवराई ब्लाक के अंदर काफी शिकायते मिली है। 
मनिहारी ब्लाक के अड़िला और अलावलपुर में हजारों लोगों के फर्जी रूप से इस योजना का लाभ लेने की स्थानीय निवासी संजय कुमार ने शिकायत किया था।  बताया जा रहा है कि करीब एक लाख किसान ऐसे है, जो फर्जी दस्तावेज के आधार पर इस योजना का लाभ ले रहे हैं। जिसका अंदाजा लगाया जाय तो करीब दो करोड़ रूपए सरकार की इस योजना के तहत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। वहीं इस योजना में नौकरी पेशा वाले लोग भी गलत तरीके से लाभ ले रहे हैं। जबकि सरकार ने छोटे और कम जमीन वाले किसान परिवारों को 6000 रुपये की सालाना सहायता राशि देने के लिए यह योजना प्रारम्भ की थी। लेकिन अब यह योजना भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। 
इधर किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए लगातार किसान विभाग में चक्कर लगा रहे हैं। विभाग भी इसको लेकर संशय में है कि जिले में कितने लोग पीएम किसान सम्मान निधि के हकदार है। इस संबंध में कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना में शिकायत मिली है कि कुछ अपात्र लोग लाभ ले रहें है। जिसकी सूची तैयारी की जा रही है। बताया कि कुछ नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के खाते में पैसा चला गया है। जो वापस करना चाह रहे हैं, लेकिन शासन से जिले में कोई ऐसा एकांउट नंबर नहीं मिला है। जिनमें उन पैसों को जमा कराया जाएगा। फर्जीवाड़े को लेकर उनका कहना था कि फिलहाल खाते को आधार से जोड़ा जा रहा है। लेकिन शासन आगे खतौनी से खाता नंबर जोड़ने की योजना बना रही है। जिससे कि जिले में हो रही फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकती है। 


 


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