जालांस शॉप पर चोरी-छिपे कपड़ों की बिक्री, जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे जालांस संचालक
किराना, अनाज, दवा बिक्री की आड़ में फल-फूल रहा कपड़े का कारोबार
लॉकडाउन में जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे जालांस संचालक
जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। कोरोना संक्रमण जैसी गंभीर महामारी के चलते समूचे देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है। इस दौरान स्थानीय जिला प्रशासन ने रोजमर्रा के सामानों के साथ ही कुछ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की ही छूट दे रखी है। बावजूद इसके, कुछ ऐसे भी प्रतिष्ठान संचालक है जो प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर कारोबार संचालित कर रहे हैं। इसमें जालांस शॉप भी शामिल है। जालांस के सभी प्रतिष्ठानों पर कपड़ों की बिक्री चोरी-छिपे बदस्तूर जारी है।
जिला प्रशासन ने लॉकडाउन के अवधि में कपड़ा, तैयार परिधान, फर्नीशिंग, फर्नीचर, सोने-चांदी के आभूषण, फुटवीयर समेत तमाम वस्तुओं की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है। करीब डेढ़ माह से इसके कारोबारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सोमवार से जब रोजमर्रा के सामानों के साथ ही कुछ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की छूट दी गयी तो भी कपड़ा, तैयार परिधान, फर्नीशिंग, फर्नीचर, सोने-चांदी के आभूषण, फुटवीयर आदि तमाम वस्तुओं की बिक्री प्रतिबंधित ही रखी गयी। लेकिन जिला प्रशासन के आदेश को धता बताते हुए जालांस के सभी प्रतिष्ठानों से कपड़ों, तैयार परिधानों, फर्नीशिंग आदि की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।
जालांस प्रतिष्ठानों से बकायदे बिके हुए कपड़ों आदि की रसीद भी जारी की जा रही है। कुछ रसीदें भी हमारे हाथ लगी है। मंगलवार को जालांस के एक प्रतिष्ठान से किसी ने कुछ कपड़े खरीदे तो दूसरे प्रतिष्ठान से किसी ने चादर आदि खरीदीं। कपड़े खरीदने वाले शख्स ने बकायदे एटीएम से पैसे का भुगतान भी किया। हालांकि प्रतिष्ठान की तरफ से पांच मई की तारीख में कच्ची रसीद दी गयी, लेकिन इस पर भुगतान की मुहर लगी हुई है। इसी प्रकार, मंगलवार को ही एक प्रतिष्ठान से खरीदे गये कपड़े की पक्की रसीद दी गयी है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस प्रतिष्ठान के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है या नहीं?