एक बार फिर आंधी और बारिश से किसानों पर पड़ी मार, आम सहित अन्य कई फसलों का हुआ नुकसान

जनपद में बीते शनिवार की रात आंधी-बारिश से पड़ा प्रभाव


कहीं-कहीं ओला गिरने से आम को पहुंचा है ज्यादा नुकसान


आम की दस फीसदी फसलें प्रभावित होने की जतायी आशंका


इस बार तरबूज और खरबूज की मिठास में आ जाएगी कमी


कद्दूवर्गीय सब्जियों के फूलों पर बेमौसम की पड़ गयी मार

जनसंदेश न्यूज
वाराणसी। बीते शनिवार की रात आयी आंधी-पानी से आम और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीण इलाकों में कहीं-कहीं कुछ ओले भी पड़े जिससे संबंधित इलाकों में पेड़ों पर लदे आम सर्वाधिक प्रभावित हुए। हालांकि सब्जियों की फसलें अपेक्षाकृत कम क्षति हुई।
जनपद के पिंडरा, बड़ागांव, बाबतपुर, रघुनाथपुर, अनेई, बसहीं, बेलवा, छाहीं, जयरामपुर, औसानपुर, कटारी, कठिरांव, नथईपुर, रायपुर, उंदी, बहुतरा, पिलौरी, शहंशाहपुर, जयापुर, जक्खिनी, पिलखिनी, भतसार के अलावा चिरईगांव क्षेत्र के तमाम गांवों में आम के बागों पर आंधी और बारिश का असर पड़ा। आंधी की गति लगभग 54 किमी प्रति घंटा की दर से होने के चलते करीब दस फीसदी आम की फसलें प्रभावित हुईं।
उद्यान विभाग के मुताबिक आम लगने से लेकर फलत आने तक औतन 50 फीसदी आम किसी न किसी कारण प्रभावित हो जाते हैं। कारण, पूरा पेड़ ही यदि आम से लदा हो तो डालियां भी टूट कर गिर जाती हैं। आंधी से तमाम बागों में बिना परिपक्व हुए ही काफी मात्रा में आम गिर गये। हालांकि बारिश होने के चलते पेड़ों पर लदे आम के पकने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
राजातालाब इलाके के भिखारीपुर आदि क्षेत्र में आम के बागों को अपेक्षाकृत कम क्षति पहुंची है। जबकि बड़ागांव, पिंडरा, बाबतपुर, रघुनाथपुर, अनेई, बसहीं, बेलवां, बहुतरा और चिरईगांव के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। ओला गिरने पर आम को चोट लगने के कारण उनमें सड़न पैदा होने लगती है। सो, जिले के अन्य हिस्सों की अपेक्षा इन इलाकों में आम को अधिक नुकसान पहुंचा।



आम के बाग के मालिक चौधरी शार्दूल विक्रम सिंह के मुताबिक उनके बाग के आमों को अधिक क्षति नहीं पहुंची है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त कहते हैं कि बीती रात आंधी व बारिश के कारण किसानों को आम का उचित मूल्य नहीं मिलेगा। विभाग के ज्योति सिंह के अनुसार गत शनिवार को हुई बारिश के चलते तापमान गिर गया। फलस्वरूप इस बार खरबूज और तरबूज में मिठास कम रहेगी। दूसरी ओर, कद्दू वर्गीय सब्जियों में लौकी, कद्दू, खीरा व ककड़ी के फूलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि यह क्षति बहुत कम रही।
हरहुआ प्रतिनिधि के मुताबिक स्थानीय क्षेत्र में चक्रवाती तूफान के कारण खेतों में खड़ी सब्जियों की फसलें गिर गईं। उसके बाद ओला और वर्षा के चलते खेतों में पानी लग गया। किसानों ने बताया कि इस बार सब्जियों की उपज कम होगी। फलस्वरूप सब्जी महंगे हो सकते हैं। दानगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के किसान प्रमोद मौर्य, सुभाष सिंह, बड़क सिंह ने कम नुकसान की जानकारी देते हुए कहा कि धान, मक्का, ज्वार, बाजरा की फसलों को लाभ होगा। बारिश के कारण खेतों की जुताई कराने व धान की बीज डाले किसान खुश हैं।


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