2732 श्रमिक हुए बेरोजगार, हॉट स्पॉट के चलते 47 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप

- हरहुआ ब्लाक में मजदूर बढ़ाने को लगाए गए अतिरिक्त स्टाफ


- जनपद हासिल नहीं कर पा रहा है 50 हजार श्रमिक का लक्ष्य


- यूपी में दो जिलों को छोड़कर 73 जनपद भी हैं टार्गेट से पीछे



जनसंदेश न्यूज


वाराणसी। कोविड-19 महामारी का संक्रमण जैसे-जैसे ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ रहा है वैसे-वैसे कोरोना के पॉजिटिव पाये जा रहे मरीजों के गांव की नहीं उससे जुड़ी पूरी ग्राम पंचायत में ही विकास कार्य रोक दिये जा रहे हैं। ताकि इस महामारी के फैलाव पर अंकुश लगाया जा सके। प्रयासों के बावजूद गांवों में कोरोना रोगियों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। इस कारण जनपद में बीते शुक्रवार की रात तक 47 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप कर दिये जाने के चलते शनिवार को 27 सौ से अधिक मजदूर बेरोजगार हो गये हैं।


जिले के कुल 760 ग्राम पंचायतों में से 62 नगर निगम क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं। इसलिए जनपद में अब कुल 698 ग्राम पंचायतें ही हैं। उनमें से 38 ग्राम पंचायतें अर्द्ध शहरी प्रकृति की होने के चले वहां मनरेगा के माध्यम के कच्चा कार्य बहुत कम हैं। इन ग्राम पंचायतों में आगामी दिनों में पौधरापण की कार्ययोजना तैयार हो रही है। उसी दौरान इन्हीं 38 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के जरिये लाभार्थीपरक कार्य कराने का खाकी खींचा जा रहा है।


दूसरी ओर, वर्तमान में जारी लॉक डाउन के कारण श्रमिक परिवारों पर आए आर्थिक संकट को देखते हुए शासन ने यूपी में 50 लाख मजदूरों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य तय किया है। उसके अनुपात में वाराणसी जिले में कम से कम 50 हजार श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार देने का टार्गेट है लेकिन हकीकत यह है कि श्रमिकों काम दिलाने के लिए न तो प्रदेश सरकार का लक्ष्य पूरा हो पा रहा है और न ही वाराणसी जनपद अपने टार्गेट तक पहुंचने की स्थिति में है।


मनरेगा के तहत चल रहे सरकारी आंकड़ों पर ही नजर डालें तो यूपी में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर शनिवार को अन्य 73 जनपदों के कुल 58 हजार 906 ग्राम पंचायतों में से 53 हजार 549 ग्रापं में कुल एक लाख 28 हजार 800 कार्यों कराए गये। उनमें कुल मिलाकर 40 लाख पांच हजार 416 श्रमिक लगे थे। हालांकि सूबे के कई जिलों में में तमाम ग्रांम पंचायतें निकायों में शामिल हो चुकी हैं।


इसी प्रकार वाराणसी में हॉट स्पॉट के 47 ग्राम पंचायतों को छोड़कर 573 ग्राम पंचायतों में शनिवार को एक हजार 429 कार्यों के लिए 33 हजार 515 मजदूरों को रोजगार दिया गया। गत शुक्रवार को जिले में मनरेगा के 1485 कार्यों में 33 हजार 836 श्रमिक लगाए गये थे। वर्तमान में 47 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य रोक दिये जाने के कारण दो हजार 732 मजदूर बेरोजगार हो गये हैं।


इधर, सीडीओ मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर हरहुआ ब्लाक में मनरेगा कार्यों के लिए अधिक से अधिक प्रवासी मजदूरों को लगाने के लिए चिरईगांव विकास खंड से अतिरिक्त स्टाफ लगाया है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल और डीएम कौशल राज शर्मा समेत सीडीओ मधुसूदन हुल्गी ने जनपद में लॉक डाउन के कारण ठप चल रहे विकास कार्यों को जल्द से जल्द शुरु कराने और उन कार्यों में अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों को भी लगाने पर बल दिया है। सो, उम्मीद जतायी जा रही है कि न सिर्फ मनरेगा मजदूरों को वैकल्पिक रूप में कार्य उपलब्ध कराए जाएंगे बल्कि ज्याजा से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार मिलेगा।


इन ग्रापं में रुक गये मनरेगा कार्य


- आराजी लाइन ब्लाक में कुरौना (आॅरेंज जोन), खेवसीपुर (आॅरेंज जोन), सरबनपुर (आॅरेंज जोन), बड़ागांव विकास खंड में रामपुर (आॅरेंज जोन), बड़ागांव, सिसवा अनेई, चिरईगांव ब्लाक में बराई, छितौना, चिरईगांव, भर्थराकला, रुस्तमपुर (आॅरेंज जोन), नरायनपुर, खरगीपुर, मोकलपुर, चोलापुर विकास खंड में हरिदासीपुर, लटौनी (आॅरेंज जोन), कैथी (आॅरेंज जोन), चौबेपुर खुर्द, पहाड़पुर (आॅरेंज जोन), जगदीशपुर, भरतपुर, हरहुआ ब्लाक में माधोपुर, चुप्पेपुर (आॅरेंज जोन), रैसीपट्टी (बफर जोन), हरहुआ (आॅरेंज जोन), गहूरा, दानियालपुर, भवानीपुर, काशी विद्यापीठ विकास खंड में विशोखर, सूजाबाद (आॅरेंज जोन), पिंडरा विकास खंड में गरखड़ा (आॅरेंज जोन), गाडर, रतनपुर, महगांव, खरगपुर (बफर जोन), चितौरा (बफर जोन), तेलारी (बफर जोन), सिंधौरा, जाठी (बफर जोन), गरथमा (बफर जोन), हीरामनपुर, फूलपुर, घुघली, सेवापुरी ब्लाक में हीरमपुर, बरनी, हरिभानपुर (आॅरेंज जोन) एवं बिहड़ा।


बनाए 2124 नये जॉबकार्ड


विभागीय जानकारी के मुताबिक वाराणसी जनपद में 18 मई के बाद नौ हजार 354 प्रवासी मजदूर आए हैं। उनमें से जिन श्रमिकों ने 14 दिन के क्वारंटाइन का वक्त पूरा कर लिया है उनके जॉब कार्ड बनाकर मांग के अनुसार रोजगार मुहैया करा रहे हैं। शनिवार के आंकड़ों के अनुसार जनपद के 679 ग्राम पंचायतों में 18 हजार 791 प्रवाली श्रमिकों में से दो हजार 124 मजदूरों के नये जॉब कार्ड बनाए जा चुके हैं। 573 ग्राम पंचायतों में एक हजार 771 श्रमिकों को रोगजार दिया गया है। जबकि 103 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां प्रवासी मजदूर हैं लेकिन वहां फिलहाल मनरेगा के कार्य नहीं हो रहे हैं।


 




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