कोरोना संकट के दौर में इंसानियत की कहानी, पूर्वांचल में भूख से बेहाल लोगों के चेहरों पर उम्मीद और मुस्कान ला रही पुलिस

इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश कर रहे पुलिस अफसर, पुलिस के प्रति बढ़ रहा लोगों को भरोसा


पूर्वांचल में पुलिस की कई ऐसी कहानियां सामने आईं हैं जो आपको कर देंगी भावुक



जनसंदेश न्यूज़
वाराणसी। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते समूची दुनिया में हड़कंप और हंगामा है। करोड़ों लोगों के सामने जीवन का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में पुलिस की कई कहानियां सामने आई हैं जो आपको भावुक कर सकती हैं। इंसानियत की अनूठी पटकथा लिखने वाली पुलिस के चहरे अब बदले हुए दिख रहे हैं। लगता है कि पुलिस अफसरों की नीति और नीयत बदल गई है और उनकी कार्यशैली भी। पुलिस अफसर अब अपने मातहतों के साथ लगातार मुफलिसी में जीवन गुजारने वाले लोगों के पास पहुंचकर अनाज और भोजन पहुंचा रहे हैं। हर पुलिसकर्मी दिल खोलकर लोगों की बढ़-चढ़कर मदद कर रहा है। पुलिस अब पब्लिक का कुशलक्षेम भी पूछने लगी है। यह कहानी सिर्फ बनारस की नहीं, समूचे पूर्वांचल की है। किस जिले की पुलिस क्या कर रही है? आप भी जानिए उसकी कार्यप्रणाली और इंसानियत की कहानी।



वाराणसी: दो पुलिस अफसरों ने पेश की इंसानियत की मिसाल


सीओ ट्रैफिक अवधेश पांडेय ने बेसहारों के लिए रसोई खोलकर पेश की नई मिसाल


पुलिस का दिल भी इंसानियत के लिए धड़कता हैः सीओ-अनिल राय


वाराणसी। काशी में पुलिस के कई अफसर ऐसे हैं जो इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं। इनमें एक हैं पुलिस क्षेत्राधिकारी (ट्रैफिक) अवधेश पांडेय और दूसरे हैं सीओ पिंडरा अनिल राय। दोनों अफसरों ने अपने सेवाभाव से यह दिखा दिया है कि पुलिस अफसर सिर्फ कानून की  भाषा नहीं पढ़ाते, इंसानियत के लिए भी इनका दिल धड़कता है। पुलिस लाइन में सीओ ट्रैफिक अवधेश पांडेय दिन-रात भोजन तैयार कराने में जुटे हैं। ट्रैफिक के जवान भूख से बेहाल शोषित,  वंचित और गरीब तबके के लोगों तक राहत पहुंचाने की कवायद में जुटे हैं। एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह के निर्देश पर अवधेश पांडेय की देखरेख में रसोई का कुशल संचालन किया जा रहा है। यहां बड़े पैमाने पर भोजन के पैकेट तैयार कराए जा रहे हैं। साथ ही वंचित और गरीव तबके के लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है।
यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाने वाले जवानों की कहानियां इंसानियत की नई परिभाषा गढ़ रही है। सीओ अवधेश सिंह बताते हैं कि गरीबों के पास दोनों वक्त का भोजन पहुंचाना बहुत जरूरी हो गया है। पुलिस कई ऐसे लोगों के पास पहुंची है जिनके पास वाकई दो वक्त की रोटी नहीं है। सीओ अवधेश पांडेय के मुताबिक 25 मार्च से शहर के विभिन्न इलाकों- पांडेयपुर, सारनाथ, रथयात्रा, बड़ागांव, शिवपुर, कैंट, सिगरा, आशापुर समेत समूचे शहर में राहत सामग्री बांटवाई जा रही है। वो खुद अपने मातहतों के साथ भोजन और अन्य राहत सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं।
दूसरी ओर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी के निर्देशन में पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल राय मुफलिसी में जीवन गुजारने वाले लोगों के पास अनाज और खाद्यान्न लेकर पहुंच रहे हैं। श्री राय ने चोलापुर, चौबेपुर और पिंडरा समेत कई इलाकों में पहुंचकर खुद राशन बंटवाया है। कई मुसहर बस्तियों में वो खुद राशन लेकर गए हैं और शोषित समाज के लोगों को पने हाथ से राहत सामग्री वितरित की है। सीओ अनिल राय कहते हैं कि कोरोना दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी है। ऐसे हालत में किसी को भूखे मरने नहीं दिया जाएगा। पुलिस का दिल भी इंसानियत के लिए धड़कता है। जहां से सूचनाएं मिल रही हैं कि कोई भूखा है तो वहां राहत सामान पहुंचवाने में विलंब नहीं किया जा रहा है। बताया कि वो राहत सामग्री और भोजन वितरण का अभियान तब तक जारी रखेंगे, जब तक लाक डाउन की समस्या रहेगी।



बलिया: इमोशनल पुलिसिंग से कम हुई दूरियां


लॉकडाउन में सामने आ रहा पुलिस कर्मियों का मानवीय चेहरा


जरूरतमंदों को दवा, खाद्य सामग्री व भोजन तक करा रहे मुहैया


बलिया। इस जिले में कुल 22 थाने हैं और हर थाने में खुल गया है अन्नपूर्णा बैंक। ऐसा बैंक जहां भूखों और बेसहारों को मुफ्त में खाना दिया जा रहा है। आवश्यक होने पर राशन भी। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ अपने मातहतों के साथ जरूरतमंदों की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। बेसहारा लोगों की थाली में पका पकाया भोजन परोसा जा रहा है। एसपी ने सभी थानों का नंबर सोशल मीडिया पर जारी कर रखा है। लोगों को बताया जा रहा है कि अगर किसी के पास राशन नहीं है तो वो इलाकाई थाने से हासिल कर सकता है।  बलिया पुलिस जिले के तमाम समाजसेवियों और संभ्रांत नागरिकों से गरीबों की मदद के लिए अपील करती नजर आ रही है। लोगों को  बताया जा रहा है कि यदि किसी को कोई भी परेशानी है, वो इलाकाई थाने के सीओजी नंबर अथवा पीआरओ को सूचना दे सकता है। पुलिस हर समय मदद के लिए तैयार है। थाना उभांव, नरही और शहर कोतवाली में जरूरतमंदों को पका-पकाया भोजन दिया जा रहा है।
पुलिस इंसान ही नहीं, बेजुबान पशुओं का भी पेट भर रही है। बुजुर्गों और बीमारों के लिए दवा के अलावा जरूरी सामान तक लोगों के घरों तक पुलिस पहुंचवा रही है।
कोरोना संकमण से बचाव के लिए पुलिस जहां पूरी मुश्तैदी बरत रही है, वहीं एसपी देवेन्द्र नाथ ने आमजन में पुलिस की छवि को बदलकर रख दिया है। एसपी के निर्देश पर अन्नपूर्णा बैंक से असहायों, बेघरों, जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री ही नहीं, फल और दवाएं तक पहुंचाई जा रही हैं। जिले में प्रचार वाहनों से संदेश प्रसारित कराया जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति को भूखे-प्यासे नहीं रहने दिया जाएगा। यदि खाने-पीने की समस्या है तो तत्काल यूपी-112 अथवा नजदीकी थाने पर फोन करें। यही नहीं, विगत दिनों सोशल मीडिया पर एसपी देवेन्द्र नाथ द्वारा गाय को खाना खिलाए जाने का फोटो वायरल हुआ था, जिसे लोगों ने काफी सराहा।



आजमगढ़: इंसानियत की अनूठी मिलास पेश कर रही पुलिस


पुलिस का नया चेहरा देख हर कोई है अवाक, बदले-बदले नजर आ रहे अफसर


आजमगढ़। जिले में 25 थानों से 55 लाख से अधिक की आबादी की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी निभा रही पुलिस इन दिनों इंसानियत की नई परिभाषा गढ़ रही है। एक विशाल वट वृक्ष की तरह सबको आश्रय देने के लिए अपनी भुजाएं फैला रखी हैं। सबकी रक्षा-सबको भोजन, के साथ ही उपद्रवियों पर सख्ती बरतने के साथ खुद को कुर्बान कर देने के जज्बे के साथ डटी हुई  है। पुलिसिंग का नया रूप देख कर लोग अभीभूत हैं। डीआईजी, कप्तान, इंस्पेक्टर, जवान यहां तक की होमगार्ड के सिपाही भी पूरी तन्मयता के साथ पीड़ित मानवता की रक्षा के लिये अपने हाथ से आनाज और खाने का पैकेट बांट रहे हैं।



आजमगढ़ परिक्षेत्र के डीआईजी सुभाष चंद दूबे हों या फिर पुलिस कप्तान त्रिवेणी सिंह, जनपद की पुलिस को मोटीवेट करने में सफल हैं। हर थाने पर पुलिस ने पब्लिक के लिए अन्नपूर्णा बैंक खोल दिया है। कोई भी व्यक्ति जिसके पास आनाज न हो वो बेझिक इन थानों से खाद्य सामग्री हासिल कर सकता है। इसके अलावा पुलिस कप्तान प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बेहतरीन पुलिसिंग का परिचय देते हुए एक संदेश प्रसारित करवा दिया था कि नवमी के दिन कन्याओं को भोज कराने के बजाय लोग इस बार भूखों को भोजन करा दें। इसका काफी उम्दा नतीजा निकला। थाना प्रभारी खुद अपनी गाड़ियों में लंच और आवश्यक सामानों का पैकेट लादकर घूम रहे हैं। पिछले तीन-चार दिनों में बरदह थाना परिसर से बड़ी संख्या में लोगों को 40 से 50 किग्रा अनाज और आलू व नमक बांटा गया है।



चंदौली: पुलिस नहीं हमें अपना ‘परिवार’ कहिए जनाब!


चंदौली। वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग में पुलिस गरीबों व जरूरतमंदों के लिए फरिश्ता बन गई है। लाकडाउन में कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के साथ ही गरीबों तक राशन, दवाएं और जरूरत की दूसरी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।



इंसानियत की बात करें तो मुगलसराय कोतवाली पुलिस इस मामले में सबसे आगे है। एसपी हेमंत कुटियाल के निर्देश पर इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र रोजाना गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में जुटे हैं। अन्नपूर्णा बैंक के जरिए राहगीरों व भिक्षाटन करने वालों को भोजन और राशन दिया जा रहा है। मुगलसराय थाना पुलिस लोगों को कोरोना के खिलाफ जंग में सोशल डिस्टेंशिंग के महत्व को भी समझा रही है। उधर, चंदौली कोतवाली पुलिस की बात करें तो कोतवाल गोपाल जी गुप्ता की अगुवाई में 400 परिवारों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया जा चुका है। नौगढ़ थाना पुलिस भी सेवा कार्य में जुटी है। बबुरी थाने के इंस्पेक्टर एनएन सिंह भी जरूरतमंदों की तहे दिल से मदद कर रहे हैं। इनके अथक प्रयास से इलाके के स्वयंसेवियों के  साथ खुद जाकर लोगों को भोजन व राशन वितरित कर रहे हैं। यह सिलसिला अनवरत जारी है।  



मीरजापुर: भूखों के लिए भगवान बनी खाकी


पुलिस के अन्नपूर्णा बैंक से बंधी गरीबों की आस, सोशल डिस्टेंशिंग का पाठ पढ़ा रहे जवान


मीरजापुर।  अगर आपसे पूछा जाए कि आप ने भगवान को देखा है तो आपका जवाब होगा कि नहीं,  लेकिन बदलते दौर में खाकी ही भगवान बन गई है। किसी को भोजन की जरूरत है तो पुलिस, सिलेंडर चाहिए तो पुलिस, सब्जी की जरूरत है तब भी पुलिस यानी आपको जिसकी जरूरत है वह खाकी वर्दी वाला पुलिस का जवान जरुरत पूरा कर रहा है।



यह सब कोराना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लाक डाउन लगने के बाद का नजारा है। जनता को राहत देने के लिए पुलिस का यह नया अवतार है। दुष्टों पर डंडा भांजने वाली पुलिस अब अपने नए अवतार में लोगों के सामने पहुंचते ही मुस्कान का कारण बन गई है। जिन्हें देखकर लोग डर कर भागते नहीं बल्कि मुस्कुराते हुए उनका स्वागत करते हैं। गली, मोहल्लें में आने का कारण पूछते हैं। उनके प्रश्नों का सटीक जवाब देने के साथ ही उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचाने का भी काम कर रहे है। जिले में पुलिस ने एक अनोखी पहल की हैं। गरीब और कमजोर लोगों को भूखा न रहना पड़े इसके लिए पब्लिक पुलिस अन्नपूर्णा बैंक नगर के पुलिस लाइन में बनाया है। लोगों को बचाने के लिए घरों में रहने की हिदायत दे रहे हैं तो खुद परिवार से दूर  दिन रात सड़कों पर ड्यूटी कर रहे हैं। सुनसान और वीरान चौराहे पर लोगों की सुरक्षा में पुलिस मुश्तैद है।



सोनभद्र: पहाड़ में अन्नपूर्णा बैंक बना बेसहारों का सहारा


सोनभद्र। कोरोना के चलते उपजे खाद्यान्न संकट में भूख मिटाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव जरूरतमंदों के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं। इनके निर्देश पर पुलिस लाइंस के साथ ही सभी थानों और चौकियों में पब्लिक अन्नपूर्णा बैंक की स्थापना की गई है। गरीब और असहाय एवं जरुरतमंद लोगों को लंच पैकेट के साथ ही चावल, आटा, दाल, आलू, तेल, नमक, वितरित किया जा रहा है।




जौनपुर: हर किरदार अदा कर रही जनपद की पुलिस
जौनपुर। वैसे तो नागरिकों की दृष्टि में पुलिस के लिए विचार हमेशा से  नकारात्मक ही रहे हैं। वैश्विक महामारी के बाद उपजे हालात से पुलिस की छवि काफी हद तक सुधरी है। जौनपुर के एसपी अशोक कुमार के निर्देशन में जिले के सभी थानों में खोले गए अन्नपूर्णा बैंक से जरूरतमंदों को खाद्यान और भोजन बांटा जा रहा है। एसपी के साथ ही जिला पुलिस की बदली हुई कार्यशैली हर किसी को प्रभावित कर रही है।




गाजीपुर: जनता और पुलिस के बीच मिट रहीं दूरियां
गाजीपुर। कोरोना संकट की दरम्यान पुलिस का मानवीय रूप देख कर हर आदमी चकित है। पुलिस दवा से लेकर खाना तक लोगों को मुहैया करा रही है। परदेश से आने वाले लोगों की जांच करने के साथ ही उन्हें मंजिल तक पहुंचाकर अपना फर्ज भी निभा रही है। लॉकडाउन के दौरान जनता और पुलिस के बीच की दूरियां कम होती दिख रही हैं। जमानियां कोतवाल राजीव कुमार सिंह इन दिनों गरीबो के लिए सितारा बने हुए हैं। वो लोगों को खाद्यान्न के साथ ही बिस्कुट, टोस्ट, ब्रेड, अंगूर ही नहीं, आर्थिक मदद भी कर रहे हैं।




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